ओंकारेश्वर 

 *नर्मदा घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़* 

भूतड़ी अमावस्या पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दो दिनों में ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचे और नर्मदा के घाटों पर स्नान कर पूजन-अर्चन किया।

अधिकांश श्रद्धालु नर्मदा के तट पर पहुंचकर डुबकी लगाकर अपने गंतव्य के लिए रवाना होते दिखाई दिए, जिसके कारण घाटों पर भीड़ अधिक रही जबकि ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर मंदिर एवं 12 मंजिला मंदिर अपेक्षाकृत खाली नजर आए।

 *अस्त्र-शस्त्र और देवी-देवताओं के साथ हुआ पूजन* 

गुड़ी पड़वा एवं भूतड़ी अमावस्या पर्व को लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मालवा क्षेत्र से ओंकारेश्वर पहुंचे।

 इस अवसर पर भक्त नवरात्रि से पूर्व अपने अस्त्र-शस्त्र और देवी-देवताओं के साथ पूजन-अर्चन कर उनका शुद्धिकरण करते हैं।

संगम क्षेत्र, अभय घाट और नागर घाट पर ढोल-ढमाकों की थाप के साथ बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और पारंपरिक विधि-विधान से पूजा की।

 *ढोल-नगाड़ों के साथ घाटों की ओर बढ़े भक्त* 

भूतड़ी अमावस्या पर सर्वाधिक भीड़ संगम क्षेत्र, अभय घाट और नागर घाट पर देखने को मिली।

दो दिनों से ढोल-ढमाके की थाप पर देवी-देवता बड़ी संख्या में भक्तों के साथ घाटों पर पहुंचे। कई श्रद्धालु हाथों में तलवार, नींबू, अग्नि से जलता पात्र और विभिन्न प्रकार के अस्त्र धारण कर झूमते हुए घाटों की ओर बढ़ते रहे और अस्त्र-शस्त्र का पूजन व शुद्धिकरण किया।

 *प्रशासन की व्यवस्थाओं से बड़ी घटना टली* 

कलेक्टर ऋषव गुप्ता और पुलिस अधीक्षक मनोज राय के निर्देश पर प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गईं।

नर्मदा के संगम क्षेत्र, नागर घाट और अभय घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल तैनात रहा। कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी गई तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के प्रयास किए गए।

नगर परिषद द्वारा छाया और ठंडे पानी की व्यवस्थाएं भी की गईं। अच्छी सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी प्रकार की डूबने या अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई।

 *कुछ स्थानों पर पेयजल व्यवस्था की कमी* 

जहां अधिकांश स्थानों पर व्यवस्थाएं की गईं, वहीं ग्राम पंचायत कोठी, गोघावा और बिलोरा बुजुर्ग क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से कुछ श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

हालांकि नगर परिषद ओंकारेश्वर द्वारा फायर ब्रिगेड के माध्यम से प्याऊ में पानी सप्लाई की व्यवस्था की गई, जिससे स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया।

 *जेटी दूरी और सुरक्षा भी बना विषय* 

घाटों से जेटी (फाइबर नौका स्टैंड) दूर होने के कारण इसे भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय माना गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चौकी जेटी और नावों की उपलब्धता बढ़ाना भविष्य में उपयोगी साबित हो सकता है।

 *टेंपो चालकों की मनमानी की शिकायत* 

यातायात व्यवस्था देख रहे डीएसपी अनिल राय लगातार क्षेत्र का जायजा लेते रहे।

इसके बावजूद कुछ बाहरी टेंपो चालकों द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने और श्रद्धालुओं से अत्यधिक किराया वसूलने की शिकायतें सामने आईं।

परिवहन विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं होने से कुछ स्थानों पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ती भी दिखाई दीं, जिससे श्रद्धालु परेशान नजर आए।