ओंकारेश्वर —
निमाड़ की प्रसिद्ध गणगौर माता को लेकर बाड़ी स्थानों में तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में वर्षों पूर्व से ब्रह्मपुरी, विष्णुपुरी और शिवपुरी क्षेत्र में स्थित पंडित-पुजारियों के यहां पूर्वजों के समय से बाड़ी बोई जा रही है। वर्षों से पुजारी परिवार निमाड़ की लोकप्रिय प्रसिद्ध गणगौर की परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं।

ओंकारेश्वर में माता का मायका
ओंकारेश्वर में गणगौर का मायका होने के कारण अन्य स्थानों से एक दिन पहले दशमी से माता की बाड़ी में ज्वारे बोए जाते हैं।

कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा —
चैत्र कृष्ण (10) दशमी 13 मार्च शुक्रवार को गणगौर माता के ज्वारे बोए जाएंगे।
17 मार्च को गणगौर माता घुघराएगी।
चैत्र कृष्ण (2) दूज 20 मार्च (शुक्रवार) को माता की बाड़ी खोली जाएगी।
चैत्र कृष्ण तीज 21 मार्च शनिवार को गणगौर माता पानी पीने घाट पर जाएगी।

मन्नत वाले भक्त माता को मेहमान बनाकर घर ले जाएंगे। एक दिन माता को मेहमान के रूप में रखकर रात्रि जागरण, सुबह पूजन और जोड़े जीमाने के बाद 22 मार्च को मां नर्मदा में विसर्जन किया जाएगा। मन्नत वाले भक्त जो रथ नहीं श्रृंगारते, वे चांदी की टोकनी लेकर जाते हैं।

विष्णुपुरी क्षेत्र
ओंकारेश्वर की अति प्राचीन लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुरानी गणगौर माता बाड़ी के पुजारी पंडित ललित दुबे ने बताया कि उनके निवास पर सबसे अधिक वार्ड और जनसंख्या होने के कारण ओंकारेश्वर की सबसे बड़ी माता बाड़ी (मंदिर) लगती है, जिसमें 150 से अधिक रथ माता के बोने के लिए आते हैं। 13 मार्च से ज्वारे बोए जाएंगे और सात दिवस तक बाड़ी स्थान पर निमाड़ के लोकप्रिय भजन, नृत्य और गाने-बजाने चलते रहेंगे।

ब्रह्मपुरी क्षेत्र
ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित पुजारी श्रीमती गजानंद गिरी ने बताया कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में लगभग 70 वर्षों से माता की बाड़ी उनके निवास पर बोई जा रही है। सात दिवस तक पूजन होगा। इस वर्ष मन्नत अनुसार माता को बोढ़ाकर उनके निवास पर ही लाया जाएगा। 24 घंटे मेहमान के रूप में पूजा-भंडारे के बाद माता जी का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद ब्रह्मपुरी क्षेत्र में सार्वजनिक माता को दूसरे दिन भी बोढ़ाकर लाया जाएगा।

मांधाता शिवपुरी क्षेत्र
मांधाता शिवपुरी क्षेत्र स्थित पंडित रामचंद्र परसाई ने बताया कि लगभग 200 वर्षों से शिवपुरी क्षेत्र में गणगौर माता की बाड़ी उनके निवास पर बोई जाती है।

 सिंहस्थ 2028 की तैयारी को लेकर श्री जी मंदिर ट्रस्ट द्वारा जूना महल का निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि न हो इस कारण उनका निवास खाली करा दिया गया है।
नगर परिषद अध्यक्ष मनीषा परिहार एवं क्षेत्र के माता भक्तों ने इस वर्ष शिवपुरी क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान मांगलिक भवन में माता की बाड़ी बोने के लिए व्यवस्था की है।