ओंकारेश्वर
इस अवसर पर आश्रम परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें पूजन, आरती, पाठ एवं भजन-कीर्तन प्रमुख रूप से शामिल रहे।
पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में कन्या भोजन, साधु भंडारा तथा नगर के गणमान्य नागरिकों के लिए भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस अवसर पर नर्मदानगर से पधारे स्वामी विनयानंद महाराज ने बताया कि आश्रम के संस्थापक की पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष इसी प्रकार श्रद्धा भाव से धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिससे लोगों में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है।
वहीं कोलकाता से आए स्वामी हरिमयानंद महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान नवयुवक पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उनके विचारों को अपनाकर युवा अपने बौद्धिक विकास के साथ-साथ एक सशक्त एवं श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन के साधु-संत भी इसी भावधारा को अपनाते हुए समाज में सदाचार और आध्यात्मिकता का संदेश दे रहे हैं।

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