उत्तराखंड के दो शातिर नकबजन गिरफ्तार, देश के कई राज्यों में मंदिर और गुरुद्वारों को बना चुके थे निशाना, ₹20 हजार बरामद

पथरिया

 

दमोह जिले की पथरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विराग्योदय जैन मंदिर में हुई चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक अंतरराज्यीय नकबजनी चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। उत्तराखंड के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है, जो देश के कई राज्यों में मंदिरों और गुरुद्वारों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से 20 हजार रुपये बरामद किए हैं। घटना दमोह जिले के पथरिया में 22 मई की है, जब विराग्योदय जैन मंदिर की दो दान पेटियों (गुल्लकों) से करीब ₹90 हजार की चोरी कर ली गई थी। मंदिर के मैनेजर सूरज जैन की रिपोर्ट पर थाना पथरिया में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया तथा एसडीओपी प्रिया सिंधी के निर्देशन में थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल की तकनीकी सहायता और लगातार पतारसी करते हुए तीन राज्यों में आरोपियों की तलाश की।

26 जुलाई को पुलिस ने दो आरोपियों कुलवंत उर्फ राजू (40) निवासी फतेहगंज, जिला उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) तथा रेशम उर्फ रिंकू (32) निवासी गोठा, जिला उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने मंदिर में चोरी करना स्वीकार कर लिया।

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी एक अंतरराज्यीय नकबजनी चोर गिरोह के सदस्य हैं। कुलवंत पर पहले से 5 और रेशम पर 13 चोरी के मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह सिक्किम, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में मंदिरों और गुरुद्वारों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से ₹20 हजार नगद बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी, हरगोविंद पटैल, नरेंद्र यादव, नवीन बैन, संदीप पटैल, कपिल तिवारी, अजय कुर्मी, मनीष रोहित, अमन वाल्मीकि तथा साइबर सेल के राकेश आठ्या, रोहित, मयंक और शुभम नामदेव की सराहनीय भूमिका रही।