श्यामपुर/ सीहोर (बसीम उददीन)
श्यामपुर तहसील में पटवारियों के द्वारा गिरदावरी की सुस्त चाल, अधर में किसानों का पंजीयन चिंता का विषय
श्यामपुर !
यह एक गंभीर स्थिति है। जब गिरदावरी (Girdawari) समय पर नहीं होती, तो उसका सीधा असर किसान की मेहनत और उसकी फसल के सही दाम मिलने पर पड़ता है
श्यामपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के किसान इन दिनों भारी मानसिक और आर्थिक दबाव से गुजर रहे हैं। आगामी सत्र 2026-27 के लिए फसलों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन पटवारियों की कथित लापरवाही के चलते 'गिरदावरी' का कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। इसका परिणाम यह है कि पंजीयन केंद्रों से किसानों को खाली हाथ और निराश होकर लौटना पड़ रहा है
पंजीयन केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों का कहना है कि जब वे अपनी फसल का ऑनलाइन पंजीयन कराने जाते हैं, तो पोर्टल पर उनकी फसल की जानकारी (गिरदावरी) अपडेट नहीं दिखाई देती। नियमतः, पंजीयन से पहले पटवारी द्वारा खेत का मुआयना कर पोर्टल पर फसल की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य है, जिसे 'गिरदावरी' कहा जाता है।
किसानों के आरोप: पटवारियों की मनमानी
क्षेत्र के किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि बार-बार संपर्क करने के बाद भी कई पटवारी खेतों तक नहीं पहुंच रहे हैं।
समय सीमा नजदीक आने के बावजूद गिरदावरी का काम अधूरा पड़ा है।अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे किसानों का भविष्य दांव पर लगा है।हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था को लेकर संबंधित उच्च अधिकारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट निर्देश या सख्ती सामने नहीं आई है।

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