नर्मदापुरम जिले की पिपरिया तहसील कोर्ट में लगी नेशनल लोक अदालत, 6 खंडपीठों ने निपटाए मामले। 5 जोड़े समझाइए इसके बाद साथ रहने को हुए राजी। 158 प्रकरण आपसी समझोते से समझे।

तहसील न्यायालय पिपरिया में जिला न्यायाधीश राजेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में नेशनल लोक अदालत का हुआ आयोजन मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नियम अनुसार आयुष आयोजित लोक अदालत में कुल सेकंड सीटों ने 158 प्रकरण का आपसी समझौते से निराकरण किया।
कुल 1 करोड़ 4 लाख 447867 की समझौता राशि तय की गई। बिजली विभाग के 19 प्रकरण नगर पालिका की 39 प्रकरण मोटर दुर्घटना के पांच प्रकरण क्या हुआ निराकरण।
पिपरिया नेशनल लोक अदालत में समझाइश के बाद पांच जोड़े पति-पत्नी पुन: साथ रहने को हुए राजी।
इस अवसर पर राजेश कुमार अग्रवाल प्रथम जिला एवं सेशन न्यायाधीश, श्रीमती अर्चना रघुवंशी द्वितीय एवं सेशन न्यायाधीश, मनीष कुमार पारीक न्यायिक मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अखिलेश चांडक न्यायिक मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमती दिशा चांडक न्यायिक मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सुश्री निशा रघुवंशी न्यायिक मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं अधिवक्ता संघ अध्यक्ष धर्मेंद नागवंशी एवं समस्त अधिवक्तागण की उपस्थिति में लोक अदालत   का आयोजन संपन्न हुआ।

01. अतुल सक्सेना जिला न्यायाधीश सोहागपुर के न्यायालय में वाहन से हुई टक्कर के एक पुराने प्रकरण में पीड़ित आवेदक के अभिभाषक जे.पी. माहेश्वरी एवं बीमा कंपनी के अभिभाषक शिरीष तिवारी ने न्यायालय के समक्ष उक्त प्रकरण को वरीयता देते हुये उसमें निरंतर समझाईश कर सरलतापूर्वक प्रकरण को निराकृत करवाया। बीमा कंपनी ने 5,50,000/- रूपये त्वरित स्वीकृत करते हुये बुजुर्ग आवेदक की सहायता की।

02. श्रीमति तबस्सुम खान जिला एवं अपर सेशन न्यायालय सिवनीमालवा के न्यायालय में मृत्यु दुर्घटना दावा प्रस्तुत किया जिसमें पत्नि की मृत्यु होने पर उसके पति तथा 10-12 वर्षीय अवयस्क बच्चों ने क्लेम राशि की मांग की, न्यायालय एवं सुलहकर्ता रामकिशोर यादव अधिवक्ता की समझाईश से बीमा कंपनी द्वारा 15 लाख रूपये की राशि अदा की गयी।

03. श्रीमति तबस्सुम खान जिला एवं अपर सेशन न्यायाधीश सिवनीमालवा के न्यायालय के क्लेम प्रकरण में मृतक की 25 वर्षीय पत्नि 3 व 8 वर्ष बालक-बालिका तथा मृतक के वृद्ध माता-पिता द्वारा मोटरसाईकिल की दुर्घटना में मृत्यु होने के कारण क्लेम प्रकरण प्रस्तुत किया गया था, जिसमें न्यायालय एवं सुलहकर्ता की समझाईश पर मृतक के परिवारजन एवं बीमा कंपनी के मध्य 20 लाख रूपये में समझौता हुआ 20 लाख रूपये की राशि मृतक के परिजनों को दिलायी गयी।

04. श्रीमति तबस्सुम खान जिला एवं अपर सेशन न्यायाधीश सिवनीमालवा के न्यायालय में पक्षकारगण के मध्य वर्ष 2019 से चेक बाउंस का केस चल रहा था, जिसमें अभियुक्त को सजा हो चुकी थी, जिसके अपील प्रकरण में लोक अदालत में दोनों पक्षों के मध्य राशि रू. 3,00,000/- (तीन लाख रू. मात्र) में समझौता हुआ, परिवादी को विचारण न्यायालय के समक्ष जमा करायी गयी 1,06,500/- रूपये की राशि भी दिलायी जाने का आदेश दिया गया।

05. श्रीमान तेजदीप सासन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोहागपुर के न्यायालय में तीन वर्ष पहले ग्राम परसवाडा में रहने वालो परिवादी के साथ उधारी की बात को लेकर अभियुक्त ने विवाद किया था, जिस पर सोहागपुर थाने में रिपोर्ट लिखवाई गई, राजीनामा के निरंतर प्रयास एवं समझाईश से अंतत दोनों पक्षों के मध्य लोक अदालत में सुलह समझौता सफल होकर दोनों मित्रवत् संबंध रखते हुये भविष्य में कोई विवाद नहीं किये जाने का आश्वासन देकर न्यायालय के विदा हुये।

06. श्रीमती अपेक्षा यादव न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोहागपुर ग्राम, कामती निवासी पक्षकारगण के मध्य तीन वर्ष पूर्व मोहल्ले में रंग पंचमी पर नाचने गाने की बात को लेकर विवाद हुआ और विवाद इस सीमा तक बढ़ गया कि मामला न्यायालय तक पहुंच गया। दोनों ही पक्ष एक ही गांव के निवासी होने पर अभिभाषक रामेश्वर कहार की सुलह समझाईश से एवं माननीय न्यायालय द्वारा गांव की एकता को मजबूत रखे जाने पर बल देकर दोनों ही पक्ष के मध्य आपसी सुलह से मामले का अंतिम निराकरण हो गया।

07. श्रीमति तबस्सुम खान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिवनीमालवा के न्यायालय में आज दिनांक 09.05.2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में अलग-अलग 03 प्रकरणों में पति-पत्नि तलाक लेने आये थे, न्यायालय एवं सुलहकर्ता की समझाईश पर उक्त तीनों जोड़े साथ में रहने हेतु सहमत हुये एक-दूसरे को माला पहनायी तथा न्यायाधीश द्वारा भेट किये गये पौधे के संरक्षण का प्रण लिया गया।

इस प्रकार नेशनल लोक अदालत का आयोजन सफल रहा जिसमें पारिवारिक विवाद के प्रकरण में एक-दूसरे से अलग रह रहे परिवारों को एक कराया गया, नेशनल लोक अदालत के माध्यम से परिवार एक हो गये, उन्हें उनके भविष्य की शुभकामना देते हुये एक-दूसरे को माला पहनाकर, उपहार स्वरूप एक-एक फलदार पौधे प्रदाय किये गये।