देवभूमि उत्तराखंड में बाबा केदारनाथ की पवित्र यात्रा: श्रद्धालुओं का भक्ति भरा सफर
उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर 21 किलोमीटर की कठिन यात्रा कर बाबा केदारनाथ के दर्शन की आस्था को साकार करते बीना-सागर के श्रद्धालु भक्ति भाव से आगे बढ़ रहे हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन के पश्चात केदारनाथ की यात्रा अब पूर्णता की ओर है।
मान्यता है कि नेपाल के काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर भगवान शिव का मुख है और केदारनाथ में उनकी पीठ। इन दोनों स्थानों के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य माने जाते हैं।
यात्रा का मार्ग कठिन और पहाड़ी चढ़ाई से भरा है, लेकिन श्रद्धालुओं के "बम बम भोले" के जयकारे हर कठिनाई को आसान बना रहे हैं। प्रकृति के विभिन्न रूप जैसे धूप, छांव, बारिश और बर्फबारी इस यात्रा को और भी रोमांचक बना रहे हैं।
जहां एक ओर मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप है, वहीं केदारनाथ की हड्डी कंपा देने वाली ठंड में श्रद्धालु गर्म कपड़ों में लिपटे, बाबा के दर्शन की आशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कुछ श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं, जबकि अन्य हेलीकॉप्टर, खच्चर-घोड़े और पालकी का सहारा ले रहे हैं।
चारधाम यात्रा में सुव्यवस्था
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो डाक्टर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के छात्र रहे हैं, के नेतृत्व में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाएं बहुत ही सुव्यवस्थित ढंग से की गई हैं। यह मध्य प्रदेश और सागर के लिए गर्व का विषय है।
हमारे स्टेट न्यूज के संवाददाता प्रतिपाल राजपूत भी सपरिवार इस यात्रा में शामिल होकर अनुभव साझा कर रहे हैं।
प्रतिपाल राजपूत, बीना/खिमलासा

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