प्रेम गुप्ता

जब निकले प्रभु जगन्नाथ... श्रद्धा से थम गईं शहर की रफ्तार
भव्य रथयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, पुष्पवर्षा और महाप्रसादी से भक्तिमय बना पूरा नगर

आलीराजपुर। भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पारंपरिक रथयात्रा रविवार को पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ निकाली गई। जैसे ही सुसज्जित रथ नगर की सड़कों पर पहुंचा, "जय जगन्नाथ" के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक रथ की रस्सियां थामकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
रथयात्रा का शुभारंभ लक्ष्मी-नृसिंह मंदिर से हुआ। कलेक्टर नीतू माथुर एवं पुलिस अधीक्षक रघुवंशी भदौरिया ने परंपरा के अनुसार रथ खींचकर तथा झाड़ू लगाकर यात्रा की शुरुआत की। इससे पहले गुजरात के वडोदरा से पधारे जगद्गुरु स्वामी वेंकटेशाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीजगन्नाथ की विशेष पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, जहां विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय, जल और महाप्रसादी की व्यवस्था की गई। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया।
भजन-कीर्तन, ढोल-ताशों और धार्मिक नारों के बीच आगे बढ़ती रथयात्रा पूरे समय आकर्षण का केंद्र बनी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और जनकल्याण की कामना की।
यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन, मंदिर समिति और स्वयंसेवकों ने सुरक्षा एवं यातायात की प्रभावी व्यवस्था संभाली, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। समापन पर श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई।