अनूपपुर: वर्तमान में मानव और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष की समस्याओं को देखते हुए वन विभाग द्वारा जन जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हाल के महीनों में अनूपपुर जिले में ऐसे संघर्ष के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत अनूपपुर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों को अपने क्षेत्र के नागरिकों को जागरूक करने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन ताला स्थित प्रशिक्षण केंद्र में किया गया।
प्रमुख उपस्थितियां
- वन मंडलाधिकारी उमरिया श्री विवेक सिंह
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक श्री योहन कटारा
- जिला पंचायत अनूपपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी
- जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह
- अन्य गणमान्य सदस्य
कार्यशाला में श्री विवेक सिंह ने कहा कि बढ़ती आबादी और रिहायशी क्षेत्रों के विस्तार के कारण हाथियों के पारंपरिक मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे संघर्ष बढ़ा है। इसे रोकने के लिए वन विभाग द्वारा आवश्यक प्रबंधन और जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे ग्रामीण जनों के बीच जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
श्री योहन कटारा ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में मानव और वन्य जीव संघर्ष को रोका जा सकता है।
राहत राशि और जानकारी
श्रीमती अर्चना कुमारी ने वन्य जीवों से होने वाली घटनाओं पर राजस्व विभाग द्वारा आरबीसी 6-4 के तहत दी जाने वाली राहत राशि के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने हाथियों की प्रकृति, उनसे बचाव के उपाय, गजरक्षक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सूचना प्रबंधन, और हाथियों के प्रबंधन के दौरान क्या करें और क्या न करें के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर बांधवगढ़ बफर जोन के वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री मुकेश कुमार अहिरवार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य मानव-हाथी संघर्ष को कम करना और समाज में इस विषय पर जागरूकता फैलाना था।

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