लंबे समय से चल रहे अव्यवस्थित सीवरेज कार्य के चलते जनता को उठाना पड़ रही भारी परेशानियों को सामना
सड़क के गड्ढे में ट्रॉली के टायर फंसे, आगे बढ़ाने के लिए जेसीबी का धक्का लगते ही ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, दो-तीन घंटे तक आवागमन हुआ प्रभावित, लोगों ने जताया रोष,बड़ा हादसा टला।
वीओ:-दरअसल बड़वानी शहर में चल रहे लम्बे समय से सीवरेज कार्य के चलते शहर वासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं ऐसे में आए दिन शहर में बड़े वाहनों के गड्ढे में फंसने की घटनाए सामने दिनप्रतिदिनआ रही हैं।
बता दे कि
शहर में सीमेंटीकृत सड़क को खोदकर सीवरेज लाइन डालने के बाद मिट्टी से गड्ढे भर दिए गए
अव्यवस्थित सीवरेज कार्य के कारण शहर की जनता को निजात नही मिल पा रही हैं जिसके चलते उन्हें धूल गुब्बार व गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा हैं तो वही दुर्घटनाओं के शिकार भी हो रहे है वही नपा व सीवरेज कम्पनी का समन्वयक नही बन पाने के चलते हुए भी शहर की जनता को उसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा हैं। वही कही दफा नपा की बैठक में नपा नेता प्रतिकक्ष राकेशसिंह जाधव ने भी इस अव्यवस्थित और घटिया कार्य को लेकर आवाज उठा सके तो वही शहर की जनता भी इस घटिया कार्य की शिकायत मीडिया में व जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवा चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। सीवरेज कम्पनी के कर्मियों की मनमानी के चलते न तो कार्य मे जिम्मेदार प्रशासन सुधार करवा पाए, ओर नही अब तक शहर की जनता को इस समस्या से निजात दिला पाए। ऐसे में शहर के रानीपुरा क्षेत्र ( सिर्वी मोहल्ला ),
में चल रहे सीवरेज कार्य के चलते सूखे भूसे से भरी ट्रैक्टर ट्राली के टायर गड्ढे में फंसने से पलट गई जिसके चलते मार्ग पर ट्रॉली का पूरा भूसा बिखर गया और देखते हि देखते देखने वाले लोगों की भीड़ जमा हो गई जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया वही प्रत्यक्षदर्शी और रहवासी ने बताया है कि
टायर गड्ढे से निकालने के लिए पीछे से जेसीबी से धक्का दिया, वैसे ही ट्रॉली बीच रोड पर पलट गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ, अन्यथा जनहानि भी हो सकती थी। जिस जगह ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, वहीं पास चौराहे पर गणगौर माता की अगवानी के लिए टेंट लगा हुआ था। रहवासी विकास गुप्ता ने कहा कि कई दिनों से सीवरेज लाइन का काम चल रहा हैं। इससे आवागमन में दिक्कत आ रही हैं। इससे हमने एक दिन पूर्व ही काम बंद करवाया था। शाम 4 बजे चारा भरी ट्रैक्टर ट्रॉली क्षतिग्रस्त मार्ग पर फंस गई। उसे जेसीबी से निकालने के दौरान ट्रॉली पलट गई। जबकि उस समय आसपास से लोग गुजर रहे थे, ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। साथ ही गणगौर माता के लिए टेंट लगाए गए हैं, वे क्षतिग्रस्त हो सकते थे। सड़क के दोनों ओर रहवासी मकान हैं, बच्चे खेल रहे थे। करीब दो घंटे तक ट्रॉली रोड पर ही आड़ी
पड़ी रही। संबंधित किसान ने ट्रॉली के भूसे को खाली किया, जिसके बाद ट्रॉली सीधी हो पाई। दरअसल सीवरेज कंपनी द्वारा मार्ग पर जहां लाइन डालकर चैंबर बनाए गए हैं, लेकिन कंपनी द्वारा लापरवाही बरतते हुए खोदी गई सड़कों का समय पर सुधार कार्य नहीं किया जा रहा हैं। वहीं निर्माणधीन क्षेत्र में बैरीकैड लगे होने के बावजूद वाहन चालक अपनी मनमर्जी से वाहन निकालने से बाज नहीं आ रहे हैं। गत दिनों झामरिया मार्ग पर आयशर व ट्रॉले के पहिए गड्ढे में फंस गए थे। वहीं आए दिन बाइक सवार फिसल कर गिर रहे हैं।
**काम की गति धीमी, कैसे निकलेंगे माता के रथ?*
रहवासियों ने कहा कि उक्त मार्ग पर बीते 15 दिन से काम किया जा रहा हैं। काम की गति काफी धीमी है। प्रतिदिन औसत तीन-चार घंटे काम होता दिखता है। ऐसे में कई दिनों से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा हैं। रहवासी विकास ने कहा कि यह मार्ग शहर को पाटी, बावनगजा और रानीपुरा की ओर जोड़ता हैं। दिनभर बड़ी संख्या में वाहन यहां से गुजरते हैं। वहीं गणगौर माता के रथों की आवाजाही का यह मुख्य मार्ग हैं। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की हैं कि जल्द मार्ग पर दुरस्ती या वैकल्पिक इंतजाम कर सुधार किया जाए। ताकि गणगौर माता को अगवानी में समस्या न झेलना पड़े।
*धार से पाटी ले जाया जा रहा था चारा*
पाटी क्षेत्र के ग्रामीण हेमा सिंह ने कहा कि समीप धार जिले के गणपुर चौकड़ी से सूकला चारा भरकर ट्रॉली पाटी ले जा रहे थे, तभी बड़वानी के सिर्वी मोहल्ला में सड़क के गड्ढे में ट्रॉली फंस गई। जेसीबी वाले ने ट्रॉली निकालने में लापरवाही दिखाते हुए पीछे से तेजी से धक्का लगाया, जिससे ट्रॉली वहीं पलट गई। चारा बिखर गया और ट्रॉली भी क्षतिग्रस्त हुई। चार-पांच मजदूर लगाकर चारा उठावाया गया।

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