गणेश चतुर्थी पर केशोपुर में पुरोहित के घर से गणेश प्रतिमा की स्थापना की परंपरा बनी आकर्षण
मुंगावली के केशोपुर गांव में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर एक अद्वितीय धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया गया। आधुनिकता के इस दौर में जब बाजारों में अनेक प्रकार की गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं, केशोपुर के ग्रामीणों ने अपने पुरोहित पंडित नवीन तिवारी के घर से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं ले जाकर अपने-अपने घरों में उनकी स्थापना की। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और ग्रामीण इसे पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाते हैं।
- गांव में गणेश चतुर्थी के अवसर पर सुबह से ही धार्मिक उत्साह का माहौल देखा गया।
- ग्रामीण परिवार अपने पुरोहित के घर पहुंचे और वहां से मिट्टी की गणेश प्रतिमा लाकर घरों में विधि-विधान से स्थापित की।
- गणेश प्रतिमा की स्थापना के बाद पूजा-अर्चना, मंगल कलश स्थापना और गणपति आराधना की गई।
- ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज की पीढ़ी भी इसे उसी श्रद्धा के साथ निभा रही है।
- प्रतिमा लेने के लिए पुरोहित के घर पहुंचना भी इस परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
महत्वपूर्ण निर्देश: गणेश चतुर्थी के इस अवसर पर पारंपरिक विधियों का पालन करना अनिवार्य है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने से पहले सभी आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखें।
ग्रामीण अंचलों में इस प्रकार की परंपराएं समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करता है, बल्कि पारंपरिक मूल्यों की पुनः पुष्टि भी करता है। ऐसे आयोजनों से जहां एक ओर धार्मिक विश्वास मजबूत होता है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक समरसता भी बनी रहती है।
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