सौसर क्षेत्र की शोभना नदी  को रेत निकालकर किया  छलनी 

3 महीने से खनिज विभाग के नाक के नीचे चल रहा था नदी को छलनी करना 12 से अधिक लोगों ने लगाई थी सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत

 

12 से अधिक नागरिकों ने मुख्यमंत्री शिकायत नंबर पर की है शिकायत खनिज विभाग ने कागजों को काला करने के लिए   दो ट्रैक्टर किया जप्त


 पांढुरना के सौसर क्षेत्र  में अवैध रेत उत्खनन कहीं  महीनों से लगातार हो रहा था जिसकी शिकवा शिकायतें कई ग्रामीणों ने बग्गू बिछुआ के कई ग्रामीणों ने  कलेक्टर को कार्रवाई के लिए आवेदन दिया एसडीएम से गुहार लगाई परंतु खाली हाथ ही लगे ऐसे में सवाल उठता है कि एनजीटी के नियम के खिलाफ रेत जिसे सफेद सोना माना जाता है जो माफिया धड़ल्ले से दिन और रात नदियों को  छलनी करने  में जुट थे कई डंपर  दिन-रात चल रहे थे बड़ी-बड़ी पोकलेन मशीन नदी में गड्ढे  बना रही थी जब सीएम हेल्पलाइन पर ग्रामीणों की शिकायत 4 लेवल पर गई उसके बाद प्रशासन की नींद जागी और सौसर एसडीएम को मौके पर जाना पड़ा  परंतु जब एसडीएम जाने के पहले सारे डंपर वहां से निकाल लिए गए थे या इन्हीं शासन के अधिकारियों के जानकारी से निकाले गए मिली तो मात्र दो ट्रैक्टर ट्राली जो की 200 फीट रेती जप्त  हुई है अब सवाल यह उठता है कि 1 किलोमीटर से अधिक लंबी दूरी तक शोभना नदी को  काट  काट कर     सी  छलनी कर चुका है और शासन मात्र

दो ट्राली जप्त कर रही है आखिर खनिज विभाग क्या दिखाना चाह रही है कि कार्रवाई हुई यह सब पर्दे के पीछे इन सब मामलों को दबाने के लिए कहीं ना कहीं किया जा रहा है यहां के नागरिकों द्वारा बताया गया है कि प्रशासन के आला अधिकारी पूरी तरह इसमें लिप्त माने जाते हैं जिस  कारण से कोई बड़ी ठोस कार्रवाई नहीं होती है हालांकि इस बार प्रशासन ने दो ट्रैक्टर और एक पोकलेन को जब तक किया है

   आखिर 4 महीने से अवैध रेत उत्खनन को लेकर राजस्व और संयुक्त टीम की नींद क्यों नहीं जागी  शिकायत केबाद  8-9 अप्रैल की दरमियानी रात छापेमार कार्रवाई करते हुए शासन को दिखाने के लिए मात्र एक हल्की-फुल्की कार्रवाई की गई है

तहसील सौंसर के ग्राम सवाल यह उठता है किआखिर बिछुआबग्गू स्थित शोभना नदी में अवैध उत्खनन की सूचना पर मौके पर पहुंची टीम ने बिना अनुमति पोकलेन मशीन से रेत निकालते हुए पकड़ा, मशीन सौरभ दवे की है, तत्काल कार्रवाई करते हुए टाटा हिताची पोकलेन मशीन को जप्त किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि शासकीय भूमि से नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन किया जा रहा था।

  

प्रशासन द्वारा दोनों मामलों में खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर जुर्माना अधिरोपण के लिए कलेक्टर न्यायालय पांढुर्णा में प्रस्तुत किया जाएगा।