सीहोर: जाताखेड़ा गांव स्थित एक निजी स्कूल में बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मासूम बच्चों को अर्धनग्न करके प्रताड़ित करने की यह घटना शिक्षा के मंदिर को प्रताड़ना का अड्डा बनाने की ओर इशारा करती है।
स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
यह मामला सीहोर के सेंट एंजेलास स्कूल का है, जहां स्कूल की प्रिंसिपल समरीन खान और टीचर शिबू खान पर छोटे-छोटे बच्चों के कपड़े उतरवाकर अर्धनग्न अवस्था में क्लासों में घुमाने के गंभीर आरोप लगे हैं। बच्चों को मुर्गा बनाने जैसी अमानवीय सजा भी दी गई।
- बच्चों ने कैमरे पर आकर बताया कि उन्हें धार्मिक प्रतीकों जैसे कलावा और तिलक लगाने से भी रोका जाता था।
- घटना के प्रचारित होते ही इलाके में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों व अभिभावकों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल बुलाया गया और भीड़ को नियंत्रित किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया।
- जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर ने मौके पर पहुँचकर जांच की और स्कूल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
- पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए प्रिंसिपल और टीचरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है।
क्या 1 लाख का जुर्माना पर्याप्त है?
यह सवाल उठता है कि क्या 1 लाख रुपये का जुर्माना उन मासूमों के मानसिक आघात की भरपाई कर सकता है? शिक्षा के नाम पर हो रही इस हैवानियत पर प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
यह घटना केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता की ओर भी इशारा करती है।
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