उमरिया की राजनीति में नया मोड़: ऊषा कोल ने थामा कांग्रेस का दामन
उमरिया जिले की राजनीति में सोमवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब नगर पालिका पाली की पूर्व अध्यक्ष और वार्ड क्रमांक 5 की पार्षद ऊषा कोल ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। यह सदस्यता उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ली।
उमंग सिंघार सोमवार को उमरिया के पुराने बस स्टैंड में आयोजित किसान-मजदूर-आदिवासी महापंचायत कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान ऊषा कोल ने इंडियन नेशनल कांग्रेस का दामन थामते हुए अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजीनियर विजय कोल सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
ऊषा कोल का राजनीतिक सफर
ऊषा कोल का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे पहले भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी रहीं और पार्टी के समर्थन से नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर पहुंचीं। लेकिन जब भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया, तो उन्होंने वार्ड क्रमांक 5 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली थी, जिससे जिले की राजनीति में हलचल मच गई थी। अब, एक बार फिर उन्होंने राजनीतिक पाला बदलते हुए कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद की गतिविधियां
कांग्रेस में शामिल होने के बाद, ऊषा कोल पाली पहुंचीं और माता बिरासनी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर राजगढ़ विधायक एवं कांग्रेस महासचिव कुंदन लाल सिंह मार्को ने कहा कि ऊषा कोल के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और उनका अनुभव संगठन के लिए लाभदायक साबित होगा।
ऊषा कोल ने कांग्रेस में शामिल होने पर कहा कि वे जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति में आई थीं, लेकिन भाजपा की रीति-नीति से काफी आहत थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा में उन्हें वह माहौल नहीं मिला जिसकी अपेक्षा थी, इसलिए अब उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता लेकर जनता की सेवा करने का निर्णय लिया है।
ऊषा कोल का कांग्रेस में शामिल होना आगामी चुनावों से पहले जिले की राजनीतिक स्थिति को बदल सकता है।

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