गौरझामर (सागर): विशेष चंद्रग्रहण ने बदला होली का रंग
होली का पुनीत पर्व इस वर्ष सागर जिले के गौरझामर में विशेष रूप से अनोखा और यादगार रहा। पहली बार धुरेंडी के दिन चंद्रग्रहण पड़ने के कारण यह पर्व अगले दिन मनाया गया। धार्मिक मान्यताओं के चलते धुरेंडी का त्योहार स्थगित कर दिया गया था, जिससे इस बार होली का उल्लास दो दिन तक फैला रहा।
पारंपरिक होलिका दहन
- नगर के पारंपरिक स्थानों पर विधिवत होलिका दहन हुआ।
- नगरवासियों ने होली की अग्नि अपने-अपने घर ले जाकर जलाई।
- रंगीन पकवानों के बीच भर्ता-बाटियां भी बनाई गईं।
चंद्रग्रहण का प्रभाव
चंद्रग्रहण के कारण धार्मिक आस्थाओं के तहत धुरेंडी पर्व के दिन सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। दिनभर पूजा-अर्चना के कार्यक्रम स्थगित किए गए।
उत्साह से मनी धुरेंडी
अगले दिन धुरेंडी का पर्व पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया, गले मिले, और फाग गाए। नगर के शोक संतप्त घरों में भी लोगों ने पहुंचकर रंग-गुलाल लगाया, जिससे सामाजिक बंधन और मजबूत हुए।
पिकनिक और भाईचारे का माहौल
इस अवसर पर लोगों ने धार्मिक और रमणीक स्थानों पर पिकनिक का आयोजन किया, जिससे मेलमिलाप और भाईचारे का संदेश फैला। पिछले दिन भाई दूज का त्योहार भी मनाया गया, और यह पारंपरिक होली का पर्व आगामी रंग पंचमी तक जारी रहेगा।
इस वर्ष का होली पर्व चंद्रग्रहण के चलते विशेष बन गया, जिसने इसे धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से अनोखा बना दिया।

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