सहजपुर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन: आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ क्षेत्र
सागर जिले के केसली तहसील अंतर्गत ग्राम सहजपुर में चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। ग्राम के ऐतिहासिक गढ़िया मंदिर प्रांगण में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भक्तिमय भजनों और ज्ञान की गंगा के बीच क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया है।
कथा का मुख्य संदेश: ‘औपचारिकता नहीं, भाव जरूरी’
कथा के प्रथम दिवस पर विदुषी अनुष्का गौतम ने अपनी मधुर वाणी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भागवत महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है।
“ईश्वर की कथा को केवल औपचारिकता मानकर नहीं सुनना चाहिए। जब हम पूर्ण भाव और श्रद्धा के साथ प्रभु की लीलाओं का श्रवण करते हैं, तभी हमारे भीतर का अंधकार दूर होता है और ज्ञान का उदय होता है।”
प्रथम दिन उन्होंने देवर्षि नारद, कलियुग के प्रभाव, ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के प्राकट्य से जुड़े प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया।
यजमान और आयोजन समिति
इस धार्मिक अनुष्ठान में तुलसीराम पटेल मुख्य परीक्षित की भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी भी यजमान के रूप में विधिवत पूजन-अर्चन कर रही हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी जुगल तिवारी और स्थानीय ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संभाली है।
क्षेत्रीय ग्रामीणों में भारी उत्साह
इस कथा में केवल सहजपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गाँवों से श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं। गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान है। नवरात्रि के विशेष अवसर पर आयोजित इस कथा ने क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना दिया है।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: गढ़िया मंदिर प्रांगण, सहजपुर (सागर)
- कथा वाचक: सुश्री अनुष्का गौतम
- अवसर: चैत्र नवरात्रि
- प्रमुख उपस्थिति: जुगल तिवारी, तुलसीराम पटेल (परीक्षित) एवं समस्त ग्रामवासी
इस आयोजन ने सहजपुर और इसके आसपास के क्षेत्र में अध्यात्म और भक्ति का माहौल बना दिया है, जो लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

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