*कुक्षी अर्जुन गणेश विहार के कॉलोनाइजर आगे नपा. राजस्व प्रशासन नतमस्तक*
*अर्जुन गणेश विहार कॉलोनाइजर का राजस्व नपा. व MPRDC को खुला चेलेंज*
*कुक्षी में अवैध कालोनी के कॉलोनाइजरों पर मामला नही दर्ज क्यों-?*
*अशोक पाटीदार कुक्षी-मनावर 7000021707*
कुक्षी की अर्जुन गणेश विहार कालोनी के कॉलोनाइजर के आगे नगर पालिका,राजस्व विभाग कुक्षी नतमस्तक क्यों है जो इन शर्तों अनुसार नही है मध्यप्रदेश कॉलोनाइजर अधिनियम (कॉलोनी विकास और निर्माण से संबंधित कानून) राज्यों द्वारा बनाए गए क़ानून हैं जो रियल एस्टेट डेवलपर्स और बिल्डरों को विनियमित करते हैं इनका मुख्य उद्देश्य शहरों और गांवों में सुनियोजित कॉलोनियों का विकास सुनिश्चित करना और नागरिकों को अवैध कॉलोनियों, धोखाधड़ी व बुनियादी सुविधाओं के अभाव से बचाना है कालोनी अधिनियम से जुड़ी मुख्य शर्ते 1. अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण (Registration) और लाइसेंस कॉलोनी बसाने वाले किसी भी व्यक्ति या डेवलपर को संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या पंचायत से 'कॉलोनाइजर' के रूप में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है बिना लाइसेंस के कॉलोनी का विकास या प्लॉट बेचना कानूनन अपराध है 2. विकास अनुमति (Development Permission):
रजिस्ट्रेशन के बाद, कॉलोनाइजर को कोई भी प्लॉटिंग या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी (जैसे- नगर तथा ग्राम निवेश विभाग / कलेक्टर) से कॉलोनी का ले-आउट पास करवाना और विकास अनुमति लेना आवश्यक होता है 3. बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता कॉलोनी के भीतर कॉलोनाइजर को अपने खर्च पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी होती हैं जैसे पक्की सड़कें और स्ट्रीट लाइट पानी की सप्लाई और सीवेज/ड्रेनेज सिस्टम
पार्क, ओपन स्पेस और बिजली की व्यवस्था 4. कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण (EWS Plots) अधिनियम (जैसे- मध्य प्रदेश कालोनी विकास नियम) के अनुसार, कॉलोनाइजर को अपनी कुल आवासीय कॉलोनी के भूखंडों या मकानों का एक निर्धारित प्रतिशत (जैसे- 15% या 20%) आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) या निम्न वर्ग के लोगों के लिए आरक्षित रखना ओर जिन्हें पहले प्लाट देना होता है 5. अवैध कॉलोनी काटता है तो कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन रद्द करने, संपत्ति सील करने और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान होता है नोट कॉलोनाइजर और बिल्डर्स को नियंत्रित करने के लिए भारत में राष्ट्रीय स्तर पर रेरा (RERA - Real Estate Regulatory Authority) अधिनियम भी लागू किया है मगर अर्जुन गणेश विहार कालोनी पर कुक्षी नपा व राजस्व विभाग मेहरबान क्यों है,,
कुक्षी नगर की अर्जुन गणेश विहार कालोनी का राजस्व विभाग नगर पालिका के साथ MPRDC को भी खुला चेलेंज कर कालोनी अवैध के साथ स्टेट हाइवे की भूमि पर भी कब्जा कर लिया कॉलोनाइजरों द्वारा एक स्टेट से दूसरे स्टेट को जोड़ने वाले हाइवे से लगकर कालोनी की बाउंड्री वाल कर कालोनी विकसित कर दी गई जो की स्टेट हाइवे से राजस्व को 104 फिट छोड़कर डायवर्सन किया जाना होता है वही नगर पालिका को अपनी कानूनी जिम्मेदारी को देखते हुए अवैध निर्माण कार्य को रोककर तोड़ना होता है इसी प्रकार MPRDC का 104 फिट के अंदर दायरे में आने वाले कॉलोनाइजर पर अवैध अतिक्रमण को लेकर कानूनी मामला दर्ज कराना होता है मगर अर्जुन गणेश विहार कालोनी खसरा सर्वे नंबर 197/2/2/1/1 रकबा 902 हेक्टर खसरा सर्वे 197/2/2/1/2 रकबा 0.85 हेक्टर खसरा सर्वे 197/2/1/1/1 रकबा 787 हेक्टर खसरा सर्वे 197/2/1/1/2 रकबा 0.91 हेक्टर खसरा सर्वे 197/2/2/2/2 रकबा 0.85 हेक्टर खसरा सर्वे 197/2/2/2/1 रकबा 903 हेक्टर खसरा सर्वे 197/2/1/2/1 रकबा 786 हेक्टर खसरा सर्वे 197/2/1/2/2 रकबा 0.91 हेक्टर कालोनी का लगभग 3730 हेक्टेयर रकबा है जिस पर कालोनी के चारो मालिकों ने तीनों विभागों के सामने अवैध अतिक्रमण कर कालोनी की वाल बाउंड्री खड़ी कर दी मगर तीनो विभागों के अधिकारियों में दम नही अवैध निर्माण अतिक्रमण तोड़ सकते है मगर कॉलोनाइजरों ने विभागों के अधिकारियों को खरीदकर लिया लगता है वरना अवैध कालोनियों को नापने के आदेश को लगभग 2 वर्ष बीत चले मगर अधिकारियों का कालोनियों का नाप आज तक पूरा नही हुआ ओर नही अवैध कालोनियों व कॉलोनाइजरों पर कार्यवाही हुई,,,
कुक्षी विधानसभा को जिला बनाने की मांग लगातार पिछले कई वर्षों चली आ रही है मगर कुक्षी जिला नही बन सका क्योंकि शासन प्रशासन की भौगोलिक दृष्टि से कुक्षी को जिला नही बनाया जा सकता है क्योंकि अधिकारी व नगरवासी ही नही चाहते क्योंकि अवैध कालोनिया काटना भी अहम बात है जब विधानसभा में अवैध कालोनियां कटेगी तो जिला में अवैध कालोनियों के बगैर सुविधाओं के रहवासीयो की सुविधा शासन प्रशासन कैसे करेंगे जो कि कुक्षी विधानसभा में एक नाम मात्र की वेध कालोनी है बाकी सभी अवैध कालोनियां है जिसमे रहने वालों की सुविधा कैसे कर पाएंगे जिस कारण कुक्षी का प्रशासन अवैध कालोनियों पर कार्यवाही नही चाहता है या राजनीतिक कारणों के कार्यवाही होती है जब मनावर विधानसभा की अवैध कालोनियों के कॉलोनाइजरों पर पुलिस थाने में मुकदमे एफआईआर दर्ज हो चुकी ओर आगे नगर पालिका की कार्यवाही चल रही है जिसके उपरांत ही आगे की पुलिस कार्यवाही करेगी मगर कुक्षी की अवैध कालोनियों को लेकर तत्कालीन रहे एसडीएम प्रमोद गुर्जर के आदेश की जांच नाप आज तक प्रशासन ने नही की गई ऐसा क्या भला जो एसडीएम गुर्जर के आदेश पर खरे क्यों नही उतर रहे है कही तत्कालीन एसडीएम के बाद के अधिकारी कॉलोनाइजरों के आगे बेबस हो गए या लाभ शुभ में सेट हो गए जो आज तक अवैध कालोनी के कॉलोनाइजरों के खिलाफ मामला दर्ज या उचित कार्यवाही नही हुई लगता है कुक्षी को ईमानदार अधिकारियों की जरूरत है जो निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही करें ऐसे ईमानदार अधिकारी की कुक्षी क्षेत्रवासियों को जरूरत है जो कानून नियम पर खरा उतर कर अपनी ईमानदारी से काम करे और जनता हित मे काम करे जो अर्जुन गणेश विहार कालोनी सिलकुआ रोड पर है जो शासन प्रशासन के सारे नियम तोड़ते दिख जाएंगी अब देखने वाली बात होगी की दूसरी खबरे प्रकाशित होने के बाद प्रशासन जगता है या कॉलोनाइजर के आगे प्रशासन नतमस्तक हो जाता और लाभ शुभ कर लेता है,,,,

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