केसली(सागर)- त्योहारों के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश की सागर पुलिस अवैध रूप से भंडारण की जा रही आतिशबाजी पर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में थाना केसली पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम सहजपुर में एक मकान पर छापा मारकर ₹52,000 की अवैध आतिशबाजी जप्त की है।

​मुखबिर की सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्यवाही

​थाना केसली पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम सहजपुर का निवासी एक व्यक्ति अपने मकान में बिना किसी वैध लाइसेंस अथवा अनुमति के भारी मात्रा में विस्फोटक पटाखे रखे हुए है। सूचना की तस्दीक करने के पश्चात थाना प्रभारी धर्मराज सिंह बघेल के निर्देशन में पुलिस टीम (हमराह बल व स्वतंत्र गवाहों) ने तत्काल बताए गए स्थान पर दबिश दी।

​पलंग पेटी से मिले पटाखे 

​पुलिस टीम ने जब आरोपी मिन्टू उर्फ सौरभ (पिता स्व. राजकुमार जैन, उम्र 41 वर्ष) के मकान के कमरे की गहन तलाशी ली, तो लोहे की पलंग पेटी के भीतर छुपाकर रखे गए विभिन्न प्रकार के छोटे-बड़े अवैध पटाखे बरामद हुए।

  • ​जप्त मशरूका: विभिन्न प्रकार के छोटे-बड़े पटाखे
  • ​कुल अनुमानित कीमत: करीब ₹52,000/-
  • ​जप्ती की वजह: बिना किसी वैध लाइसेंस या सुरक्षा मानकों के अवैध भंडारण

​पुलिस ने मौके पर ही सभी पटाखों को विधिवत जप्त कर कब्जे में ले लिया।

​इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

​मामले में विधिक कार्यवाही करते हुए केसली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

  • ​अपराध क्रमांक: 249/2026
  • ​भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 125 एवं 288
  • ​विस्फोटक अधिनियम, 1884: धारा 9(ख)(1)(ख)

​प्रकरण में सजा का प्रावधान 7 वर्ष से कम होने के कारण पुलिस ने विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आरोपी को मौके पर ही धारा 35(3) BNSS का नोटिस तामील कराया और शर्तों के तहत पाबंद किया है।

​पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

​इस अवैध आतिशबाजी जप्ती कार्यवाही में केसली थाना प्रभारी धर्मराज सिंह बघेल, ASI आसिफ अली, प्रधान आरक्षक परमानंद ठाकुर तथा आरक्षक राहुल कुमार की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।

​जनहित में अपील: स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बिना वैध लाइसेंस के किसी भी प्रकार की आतिशबाजी या विस्फोटक सामग्री का भंडारण न करें। यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि रिहायशी इलाकों में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।