राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ निकला पथ संचलन, स्वयंसेवकों ने अनुशासित कदमताल से दिया एकजुटता का संदेश

धनार माता मंदिर से मुख्य बाजार होते हुए राधा-कृष्ण मंदिर तक निकला पथ संचलन, आयोजन से पूर्व हुआ बौद्धिक कार्यक्रम
 

कट्ठीवाड़ा। प्रेम गुप्ता 

राष्ट्र निर्माण, अनुशासन और संगठन की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से कट्ठीवाड़ा में पथ संचलन का आयोजन किया गया। धनार माता मंदिर से प्रारंभ हुए पथ संचलन में चयनित स्वयंसेवकों ने पूर्ण अनुशासन और एकरूपता के साथ कदमताल करते हुए नगरवासियों का ध्यान आकर्षित किया।
पथ संचलन धनार माता मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार के प्रमुख मार्गों से होते हुए राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचा। यहां से स्वयंसेवक पुनः निर्धारित मार्ग से वापस लौटे। संचलन के दौरान स्वयंसेवकों की सुदृढ़ कदमताल, अनुशासित पंक्तियां और सामूहिक एकजुटता आकर्षण का केंद्र रहीं।

पथ संचलन से पूर्व बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्र, समाज, संगठन और व्यक्ति निर्माण में अनुशासन एवं सामूहिक प्रयासों के महत्व पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल नारों से नहीं, बल्कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर सकारात्मक कार्यों से होता है।

पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन शक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया।