मध्य प्रदेश के नीमच जिले में अवैध खनिज परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपनी सख्त नीति को जारी रखते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले में अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने दो अलग-अलग प्रकरणों में संबंधित वाहन मालिकों पर कुल 1 लाख 63 हजार 921 रुपये की भारी-भरकम शास्ति (जुर्माना) अधिरोपित की है। यह पूरी कार्रवाई 'मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022' के प्रावधानों के तहत की गई है। प्रशासन की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी दस्तावेजों के हो रहे परिवहन पर लगाम कसना है, जिससे सरकारी राजस्व की चोरी को रोका जा सके और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

सिंगोली तहसील में एम-सैंड के अवैध और अधिक परिवहन का मामला

इस कार्रवाई के पहले प्रकरण के तहत, जिला खनिज अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए गए आधिकारिक प्रतिवेदन के आधार पर तहसील सिंगोली के अंतर्गत आने वाले ग्राम हाथीपुरा में एक औचक निरीक्षण किया गया था। यह आकस्मिक निरीक्षण 23 अक्टूबर 2026 को किया गया था, जिसके दौरान एक डंपर (क्रमांक RJ09GE6875) में एम-सैंड (M-Sand) का परिवहन होते हुए पाया गया।

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि वाहन चालक के पास खनिज परिवहन से संबंधित वैध रॉयल्टी पास तो मौजूद था, लेकिन वाहन में रॉयल्टी पास में दर्ज निर्धारित मात्रा से काफी अधिक खनिज का परिवहन किया जा रहा था, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन था। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए वाहन मालिक रिषभ पिता देवीलाल गुर्जर, जो कि क्रासिक क्राउन कॉलोनी, इंदिरा नगर, नीमच के निवासी हैं, के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की गई। इस प्रकरण में खनिज की रॉयल्टी की 15 गुना राशि यानी 6,750 रुपये और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 1,28,571 रुपये जोड़े गए। इस प्रकार कुल मिलाकर 1,35,321 रुपये की शास्ति वाहन मालिक पर अधिरोपित की गई है।

जावद तहसील में बिना रॉयल्टी पास खंडा पत्थर के परिवहन पर एक्शन

कार्रवाई के दूसरे प्रकरण में, जिला प्रशासन ने बिना किसी वैध दस्तावेज के खनिज ले जाने वाले वाहन पर शिकंजा कसा है। दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को तहसील जावद के ग्राम कुण्डला में एक औचक निरीक्षण किया गया, जिसके दौरान एक ट्रैक्टर (क्रमांक MP44AB5806) से खंडा पत्थर का परिवहन किया जा रहा था।

जब मौके पर तैनात अधिकारियों ने वाहन की जांच की, तो वाहन चालक के पास खंडा पत्थर के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध रॉयल्टी पास या दस्तावेज नहीं पाया गया। बिना रॉयल्टी पास के खनिज का यह अवैध परिवहन पाए जाने पर अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त वाहन को मौके पर ही जब्त कर लिया और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस थाना जावद में सुरक्षित रखवा दिया। इस मामले में वाहन मालिक भगतराम पिता बगदीराम भुवाई, जो कि ग्राम कुण्डला, तहसील जावद के ही निवासी हैं, के विरुद्ध नियमानुसार शास्ति तय की गई। इस कार्रवाई के तहत रॉयल्टी की 15 गुना राशि 3,600 रुपये और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के 25,000 रुपये को मिलाकर कुल 28,600 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।

भुगतान की समय-सीमा और शास्ति जमा न करने पर वैधानिक परिणाम

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले इन दोनों वाहन मालिकों को कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशों के अनुसार अधिरोपित की गई पूरी शास्ति राशि आगामी 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से शासकीय कोष में जमा करानी होगी। प्रशासन के नियमानुसार, जब संबंधित वाहन मालिक निर्धारित राशि जमा करने की आधिकारिक पुष्टि करा देंगे, उसके पश्चात ही जब्ती से मुक्त करने की प्रक्रिया के तहत उनके जब्त किए गए वाहनों को छोड़ा जाएगा।

इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 15 दिवस की समयावधि के भीतर संबंधित वाहन मालिकों द्वारा राशि जमा नहीं की जाती है, तो उनके विरुद्ध और अधिक कठोर कदम उठाए जाएंगे। ऐसी स्थिति में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के सुसंगत प्रावधानों के तहत विधिवत कार्रवाई की जाएगी और इस शास्ति की बकाया राशि की वसूली ठीक उसी प्रकार की जाएगी जैसे भू-राजस्व के बकाए की वसूली की जाती है। इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से पूरे जिले में अवैध परिवहन करने वालों में हड़कंप मच गया है।

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