उमरिया जिले की घुंघुटी पंचायत पर फिर उठे सवाल, स्ट्रीट लाइट योजना में अनियमितता का आरोप

उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत घुंघुटी ग्राम पंचायत में एक बार फिर पंचायत सचिव और सरपंच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर निकाली गई राशि का कोई अता-पता नहीं है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।

ग्राम पंचायत के तहत स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पंचायत मद से राशि निकाली गई थी, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि लाइटें आखिर कहां और कैसे लगाई गई।

सबसे हैरानी की बात यह है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी भी असमंजस में हैं। जनपद पंचायत पाली के सीईओ को भी यह जानकारी नहीं है कि स्ट्रीट लाइट की राशि कहां और कैसे खर्च की गई।

ग्रामीणों ने जब पंचायत सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्होंने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा, जिससे उनकी भूमिका और भी संदेहास्पद हो गई है।

यह उल्लेखनीय है कि घुंघुटी पंचायत में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पंचायत से जुड़े मामलों में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई थी, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं मिला, जो सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है।

ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने इस पूरे मामले की:

  • उच्चस्तरीय जांच,
  • निकाली गई राशि का ऑडिट,
  • दोषी पंचायत सचिव व सरपंच पर कठोर कार्रवाई

की मांग की है।

यदि समय रहते प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया, तो यह मामला जिले भर में पंचायत भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बन सकता है।