बिरसिंहपुर पाली में निर्माण कार्यों पर उठे सवाल: घटिया गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के आरोप
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में इन दिनों जितने भी विकास कार्य किए जा रहे हैं, उनमें गुणवत्ता का भारी अभाव है। निर्माण कार्य पूरे होने से पहले ही उनकी कमियां उजागर होने लगी हैं, जिससे भ्रष्टाचार के आरोप और तेज हो गए हैं।
बस स्टैंड निर्माण पर सवाल
नगर पालिका द्वारा निर्माणाधीन बस स्टैंड को क्षेत्र के लिए एक बड़ी सुविधा बताया गया था, लेकिन कार्य पूरा होने से पहले ही दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि घटिया सामग्री के उपयोग और लापरवाह निगरानी के कारण यह स्थिति बनी है। लोगों का कहना है कि यदि अभी से यह हाल है, तो भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी, यह बड़ा सवाल है।
सड़कों की हालत ने खोली पोल
सिर्फ बस स्टैंड ही नहीं, बल्कि वार्डों में कराई गई सड़क निर्माण की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में है। कई वार्डों में हाल ही में बनी सड़कों पर गिट्टियां बाहर झांकने लगी हैं और जगह-जगह से डामर उखड़ रहा है। नागरिकों का आरोप है कि मानकों को नजरअंदाज कर काम कराया गया, जिससे कुछ ही समय में सड़कें जवाब देने लगीं।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सभी खामियों की जानकारी नगर पालिका अध्यक्ष और परिषद के सदस्यों को है, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे यह संदेश जा रहा है कि या तो जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं या फिर पूरे मामले में उनकी मौन सहमति है। यही कारण है कि भ्रष्टाचार के आरोप और गहराते जा रहे हैं।
खरीदी प्रक्रियाओं की जांच की मांग
नागरिकों और सामाजिक संगठनों का यह भी आरोप है कि शकुंतला प्रधान के कार्यकाल में हुई विभिन्न खरीदी की यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं। कहा जा रहा है कि सामग्री खरीदी से लेकर भुगतान तक में अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच अब जरूरी हो गई है।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्यों की साख पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
Continue With Google
Comments (0)