सोन घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत उत्खनन का खुला खेल
विभागीय संरक्षण में फल-फूल रहा था रेत कारोबार?
STATE NEWS AI | JOURNALIST: SURAJ KUMAR
सीधी।
बहरी थाना क्षेत्र के नकझर गांव से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सोन घड़ियाल अभयारण्य के प्रतिबंधित क्षेत्र में खुलेआम अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल में विभागीय मिलीभगत के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
ग्रामीणों का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते दो दिनों से सोन नदी के किनारे जेसीबी मशीन और 4–5 हाईवा वाहन लगातार रेत निकाल रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि
👉 मौके पर विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे संरक्षण के आरोप और मजबूत हो गए।
SDM की अनुमति का हवाला, सवाल बरकरार
मामला मीडिया में आते ही उत्खनन को एसडीएम की अनुमति बताकर वैध ठहराने की कोशिश की गई, लेकिन
❗ अभयारण्य क्षेत्र में खनन की वैधता को लेकर सवाल जस के तस बने हुए हैं।
कानून के जानकारों का कहना है कि वन्यजीव अभयारण्य में खनन किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित है।
पुलिस की देर रात कार्रवाई
मामला गरमाने के बाद बहरी पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए
🚛 सभी हाईवा वाहन
🚜 एक जेसीबी मशीन
को जब्त कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
अवैध खनन से होने वाला नुकसान
🌱 पर्यावरण को भारी क्षति
🦎 वन्यजीवों और घड़ियालों के अस्तित्व पर खतरा
🚧 गांव की सड़कें बुरी तरह जर्जर
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में
✔️ उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच
✔️ दोषी अधिकारियों व माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई
की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यही है—
क्या यह सिर्फ रेत माफिया का खेल था, या विभागीय संरक्षण में चल रहा संगठित अवैध कारोबार?
Continue With Google
Comments (0)