खेतों में बिछी मौत: जंगली सूअर नहीं, इंसान फंसा — देवगांव घोपारी में करंट ने ले ली जान

 

सिहावल रिपोर्ट: शाहिद खान

 

मध्य प्रदेश के सीधी जिले की सिहावल विधानसभा अंतर्गत ग्राम देवगांव घोपारी में फसल बचाने की जद्दोजहद ने एक निर्दोष की ज़िंदगी छीन ली। जंगली सूअर को मारने के लिए खेतों में बिछाया गया करंटयुक्त तार सूअर तक तो नहीं पहुँचा, लेकिन लापरवाही की चपेट में आकर 50 वर्षीय अंगद पटेल की जान चली गई। खेत की मेड़ पर पसरी यह अदृश्य बिजली पल भर में सांसें छीन ले गई और गांव में मातम पसर गया।

 

इलाके में आवारा पशुओं और जंगली हिंसक प्राणियों से फसलों व मवेशियों की सुरक्षा के नाम पर कई गांवों में इसी तरह करंट लगाने की खतरनाक परंपरा चल पड़ी है। वन विभाग की शिथिलता और प्रशासनिक निगरानी के अभाव में ग्रामीण आत्मरक्षा के नाम पर मौत का जाल बिछाने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि जब नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही थीं, तब जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में क्यों सोए रहे? अगर यही हालात रहे, तो ऐसे हादसे गिनती में नहीं, सुर्खियों में बढ़ते रहेंगे।

 

घटना के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सिहावल भेज दिया। वहीं सिहावल चौकी प्रभारी अजीत पाण्डेय द्वारा विभागीय स्तर पर पहल शुरू कर दी गई है। मगर इस एक मौत ने सिस्टम के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या खेतों की हिफ़ाज़त के नाम पर इंसानी जान की कीमत यूं ही चुकाई जाती रहेगी?