दमोह जिले के गांव कुआंखेड़ा में बंसल परिवार ने घोड़े पर निकाली बेटे की रछवाई, संविधान की प्रति संग लेकर दिखाई एकता
दमोह जिले के पटेरा तहसील के कुआंखेड़ा गांव में गुरुवार को बंसल परिवार ने अपने बेटे की रछवाई धूमधाम से निकाली। इस अवसर पर दूल्हे ने हाथ में भारत का संविधान भी लिया हुआ था, जो गांव में आपसी सद्भाव और एकता का प्रतीक बना।
इस समारोह में बंसल समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए और पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद अदा किया। दरअसल, बुधवार को बंसल समाज और एससी महासभा ने एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी को एक आवेदन सौंपा था। आवेदन में यह चिंता जताई गई थी कि रछवाई के दौरान गांव के कुछ दबंग विवाद कर सकते हैं।
एसपी के निर्देश पर हटा थाना पुलिस और पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी की टीम ने गांव में शांति व्यवस्था सुनिश्चित की। पुलिस बल ने गांव के विभिन्न समुदायों के लोगों से बातचीत की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अन्य समाज के लोगों को रछवाई पर कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि वे पूरा सहयोग करने को तैयार हैं।
गुरुवार को दूल्हा नंदू बंसल घोड़े पर बैठकर बैंड बाजे की धुन पर रछवाई में निकला। इस दौरान उनके हाथ में भारत का संविधान था, जो एक संदेश था कि हर समाज को समान अधिकार मिलना चाहिए।
बंसल समाज के लोगों ने खुशी जताई कि 75 वर्षों में पहली बार उनके समाज के किसी व्यक्ति की रछवाई घोड़े पर निकली है। एस सी महासभा के अध्यक्ष आकाश भारती और दूल्हे के भाई जीवन बंसल ने पुलिस और प्रशासन के सहयोग की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि गांव में इसी प्रकार भाईचारा बना रहेगा।
निष्कर्ष: कुआंखेड़ा गांव में बंसल समाज की इस पहल ने साबित किया कि सामाजिक एकता और सद्भाव से ही विकास संभव है।
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