लखनपुरा गांव की राशन दुकान पर विवाद: अनियमितता और अभद्रता के आरोप, राजनीतिक माहौल गरमाया
जिले के बिरसिंहपुर पाली जनपद के लखनपुरा गांव में शासकीय उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महिला बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति मर्यादित के तहत संचालित इस दुकान के कोटेदार पर ग्रामीणों ने अनियमितता, अभद्र व्यवहार और हितग्राहियों के हक में कटौती के गंभीर आरोप लगाए हैं। नाराज ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दुकान में ताला जड़ दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।
ग्रामीणों के आरोप:
- पिछले चार महीनों से राशन वितरण में गड़बड़ी हो रही थी।
- कभी एक महीने का तो कभी दो महीने का राशन देकर मशीन में पूरे महीने का अंगूठा लगवा लिया जाता था।
- कोटेदार के अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं।
इसी से नाराज होकर लोगों ने दुकान के बाहर हंगामा किया और ताला लगा दिया। कुछ ग्रामीणों ने धक्का-मुक्की की बात भी कही है, हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह सैयाम ने इस मामले को कांग्रेस से जोड़ते हुए कहा कि जब सरकार गरीबों को मुफ्त राशन देने की योजना चला रही है, तब कांग्रेस से जुड़े नेता गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की और आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
प्रशासनिक कार्रवाई:
सूचना मिलते ही तहसीलदार लक्ष्मीकांत शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि उनके पहुंचने तक दुकान पर ताला लगा हुआ था और कोटेदार मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों ने कोटेदार को हटाने और नए व्यक्ति की नियुक्ति की मांग की है। तहसीलदार ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट एसडीएम को भेजी जा रही है, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोटेदार का पक्ष:
कोटेदार बिंदे सिंह का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने दावा किया कि राशन का वितरण शासन के निर्देशों के अनुसार ही किया गया है और मशीन में दर्ज आंकड़े इसकी पुष्टि करेंगे। बिंदे सिंह ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
निष्कर्ष:
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने लखनपुरा की राशन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि गरीबों का हक सुरक्षित रह सके और दोषियों पर सख्त कदम उठाया जा सके।
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