सिवनी (घंसौर) -:
घंसौर नगर के बिजली कार्यालय के पास शुक्रवार को उस समय बवाल मच गया जब बेदखली आदेश के बाद भूमि स्वामी प्रभुदयाल यादव कथित रूप से अपने साथ कई गुंडों को लेकर जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि प्रशासनिक अमले के वापस लौटते ही प्रभुदयाल और उनके साथ आए लोगों ने अतिक्रमणकारियों का सामान घर से निकालकर फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया और देखते ही देखते पूरा मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और जेसीबी मशीन पर पत्थरों की बरसात होने लगी। स्थिति बिगड़ती देख प्रभुदयाल यादव और उनके साथ आए लोग मौके से भाग खड़े हुए। घटना में दो लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
*प्रशासन लौटा, फिर शुरू हुई कार्रवाई*
जानकारी के अनुसार तहसील न्यायालय घंसौर द्वारा 16 जून 2026 को बेदखली आदेश जारी किया गया था। शुक्रवार को राजस्व अमला और पुलिस बल भूमि स्वामी को कब्जा दिलाने के लिए मौके पर पहुंचे थे, लेकिन संबंधित पक्ष के घर में ताला लगा होने और लोगों के नहीं मिलने पर प्रशासन वापस लौट गया।
आरोप है कि प्रशासनिक टीम के जाने के कुछ देर बाद ही प्रभुदयाल यादव जेसीबी और अपने साथ कई लोगों को लेकर पहुंचे तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अपने स्तर पर शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध करने वालों के साथ गाली-गलौज की गई और डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।
*ग्रामीणों का फूटा गुस्सा*
घटना की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने कथित जबरन कार्रवाई का विरोध किया और देखते ही देखते माहौल युद्ध जैसा बन गया। लाठी-डंडों और पत्थरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ देर तक पूरा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील नजर आया।
*प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल*
घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि जब बेदखली आदेश के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासन की थी, तब भूमि स्वामी को कथित रूप से अपने लोगों के साथ मौके पर कार्रवाई करने की छूट कैसे मिली। लोगों ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
*पुलिस बल तैनात, जांच शुरू*
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासनिक कार्रवाई के बीच निजी स्तर पर बेदखली का प्रयास कैसे हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
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