राशन दुकान से 61 बोरी खाद्यान्न चोरी का मामला: कई सवाल उठे

त्योंथर क्षेत्र में सरकारी राशन की दुकानों से खाद्यान्न (गेहूं-चावल) की रहस्यमय चोरी के मामले सामने आ रहे हैं, जो गरीबों के निवाले पर डाका डालने जैसा है। हाल ही में इस तरह की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। यहां चोरों ने गरीबों के पेट पर ही डाका डाल दिया है, एक शासकीय राशन दुकान से करीब 61 बोरी गेहूं और चावल की चोरी की घटना ने सभी को हैरान और परेशान कर दिया है।

घटना का विवरण

  • सोहागी थाना अंतर्गत सेवा सहकारी समिति की शासकीय राशन दुकान पर अज्ञात चोरों ने रात में ताला तोड़कर करीब 61 बोरी खाद्यान्न की चोरी की।
  • सेल्समैन आशीष मांझी ने बताया कि 3 जून की मध्य रात्रि में चोरी की घटना हुई, जिसकी जानकारी उन्हें 4 जून की सुबह मिली।
  • दुकान में 26 बोरी चावल और 102 बोरी गेहूं था, जिसमें से 52 बोरी गेहूं और 9 बोरी चावल गायब पाए गए।

संदेहास्पद पहलू

  • चोरी की सूचना सुबह मिलने के बावजूद एफआईआर दोपहर 11 बजे दर्ज की गई, जिससे संदेह उत्पन्न होता है।
  • सेल्समैन और पुलिस के बीच चोरी गई बोरी की संख्या में भी विरोधाभास है।
  • दुकान के बाहर अनाज नहीं गिरा था, लेकिन कुछ दूरी पर अनाज मिलने की सूचना दी गई।
  • राशन विक्रेता को चोरी की दिशा और गिरा हुआ अनाज कैसे मिला, यह स्पष्ट नहीं है।

जनता का आरोप और प्रशासन से मांग

जनता का आरोप है कि दुकान मालिक खाद्यान्न को मार्केट में बेच देते हैं और चोरी की झूठी शिकायत करते हैं। इस प्रकार की घटनाओं में कार्ड धारियों को नुकसान होता है, क्योंकि शासन दोबारा खाद्यान्न नहीं देता। ग्रामीणों ने एसडीएम और थाना प्रभारी से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की है।

निष्कर्ष

राशन की दुकानों में हो रही चोरियों ने सरकारी प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि गरीबों का हक सुरक्षित रह सके और दोषियों को कठोर दंड मिले।