आलोट। प्रसिद्ध कथावाचक संत श्री कमल किशोर नागर को कथित रूप से जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिलने के मामले में श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। मामले को लेकर श्रद्धालुओं की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आलोट के माध्यम से
ज्ञापन सौंपकर मामले की गंभीरता से जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि 4 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गुरु कृपा शबरी गौशाला, झाबुआ जिले में रात्रिकालीन भजन-सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा संत श्री कमल किशोर नागर को भेंट की गई सामग्री, शाल एवं श्रीफल के बीच कथित रूप से एक धमकी भरा पत्र मिला। पत्र में संत को गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी दिए जाने का उल्लेख ज्ञापन में किया गया है।
श्रद्धालुओं ने कहा कि संत श्री कमल किशोर नागर लंबे समय से सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से जनजागरण, गौ-संरक्षण, धर्मांतरण के विरुद्ध जागरूकता तथा अवैध गतिविधियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में धमकी भरे पत्र की घटना को लेकर श्रद्धालुओं में चिंता और आक्रोश है।
ज्ञापन में मांग की गई कि धमकी भरे पत्र की जांच कर उसके पीछे जिम्मेदार व्यक्ति अथवा लोगों का पता लगाया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संत श्री कमल किशोर नागर की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।
पुलिस जांच के बाद ही धमकी देने वाले व्यक्ति और पत्र की वास्तविकता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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