आम उपभोक्ता की कानूनी चेतावनी

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी और उसके स्थानीय डीलर शुभ मोटर्स की वास्तविकता अब उजागर हो गई है। शहडोल संभाग में घटिया दर्जे की डिफेक्टिव गाड़ियां बेचकर और उपभोक्ताओं को गुमराह कर यह कंपनी अपनी साख खो रही है। एक ताजा मामले में, एक उपभोक्ता को "मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट" वाली नई मारुति डिजायर थमा दी गई, जिससे न केवल उन्हें आर्थिक क्षति हुई, बल्कि उनकी जान पर भी बन आई।

मारुति सुजुकी: डिफेक्टिव गाड़ियों का 'सौदागर'

मारुति सुजुकी की नई डिजायर की गुणवत्ता अब गंभीर संदेह के घेरे में है। मात्र 17,000 किलोमीटर चलने पर ही गाड़ी के चारों टायर पूरी तरह घिसकर नष्ट हो गए, जो यह साबित करता है कि कंपनी दोषपूर्ण पार्ट्स का इस्तेमाल कर रही है। उपभोक्ता की शिकायत पर जब मामला बढ़ा, तो कंपनी ने आनन-फानन में गाड़ी का 'हब' बदला। यह स्वीकारोक्ति है कि गाड़ी के सस्पेंशन सिस्टम में गंभीर "मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट" था।

शुभ मोटर्स: बदहाल सर्विस और लूट का केंद्र

डीलरशिप शुभ मोटर्स की कार्यप्रणाली उपभोक्ता हितों के विरुद्ध दिखाई दे रही है। उपभोक्ता द्वारा हर सर्विसिंग पर "टायर चाटने" की स्पष्ट शिकायत के बाद भी समस्या को हल करने के बजाय गुमराह किया गया। उपभोक्ता की परेशानी को समझने के बजाय उसे टरकाया और गलत जानकारी दी गई।

अधिकारियों की तानाशाही और असहयोग

मारुति सुजुकी के क्षेत्रीय अधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार हैं। टीएसएम विवेक चौहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी दी गई, लेकिन वे व्हाट्सएप और कॉल्स का जवाब नहीं दे रहे हैं।

उपभोक्ता आयोग में घसीटने की चेतावनी

मारुति सुजुकी और शुभ मोटर्स के रवैये से तंग आकर उपभोक्ता ने कानूनी लड़ाई का मन बना लिया है। उपभोक्ता ने 3 दिन का समय दिया है। यदि टायर निशुल्क नहीं बदले गए और गाड़ी की तकनीकी 'ओके रिपोर्ट' नहीं मिली, तो मामला जिला उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराया जाएगा।

इनका कहना है

  • उपभोक्ता की शिकायत पर गाड़ी को बिजुरी से शहडोल शोरूम लाया गया है।
  • मारुति सुजुकी को मेल कर दिया गया है और मेल के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
  • वर्कशॉप मैनेजर को निर्देशित किया गया है कि 2 दिनों बाद उपभोक्ता को पूरी जानकारी दे दी जाए।