सोन नदी में अवैध रेत खनन से घड़ियालों पर मंडरा रहा खतरा, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
STATE NEWS AI JOURNALIST SURAJ KUMAR 
सिहावल/ सीधी/ मध्य प्रदेश 

जनपद पंचायत सिहावल की ग्राम पंचायत गेरुआ अंतर्गत सोन नदी के जोगदहा क्षेत्र से लगातार एक महीने से रात के अंधेरे में ट्रैक्टर, 407 और 907 वाहनों के माध्यम से कथित तौर पर अवैध रेत खनन किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अनुमति के नदी से रेत निकाली जा रही है, जिससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और वन्यजीवों को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
यह वही जोगदहा क्षेत्र है जहां हाल ही में घड़ियाल के साथ छेड़छाड़ का वीडियो वायरल हुआ था, जिसने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। अब लगातार हो रहे रेत खनन से घड़ियालों के आवास, अंडों और बच्चों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार नदी तटों से अनियंत्रित रेत उत्खनन जलीय जीवों के प्राकृतिक आवास को नष्ट कर सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि रात भर भारी वाहन नदी से रेत निकाल रहे हैं, तो क्या इसकी जानकारी प्रशासन को नहीं है? या फिर रेत माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं रह गया है? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो पर्यावरण और वन्यजीव दोनों को अपूरणीय क्षति हो सकती है।
अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच और कार्रवाई करता है या फिर अवैध खनन का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। सोन नदी, उसके घड़ियालों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाना समय की मांग है।