अगर आप आधे घंटे पहले अपने भाई को लेकर यहां आ जाते तो उसकी जान शायद बच सकती थी, पर अब इसकी मौत हो गई है। बरगी में रहने वाले 30 वर्षीय युवक को चाकूओं से गोदकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए जब मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे तो डाक्टर ने कहा, सारी आप थोड़ा लेट हो गए। 

ये घटना है, जबलपुर के बरगी थाना के  ग्राम सालीवाड़ा की, जहां देर रात एक युवक की चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना उस समय की है, जब मृतक खाना खाने के बाद घर के बाहर चबूतरे में बैठा हुआ था, तभी गांव में ही रहने वाले एक शख्स ने पुराने विवाद के कारण चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद बरगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अब परजिनों के बयान के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। 

जानकारी के मुताबिक ग्राम सालीबाड़ा में रहने वाले नम्मी यादव(30) बेल्डिंग का काम करते थे। बुधवार की रात करीब 11 बजे खाने खाने के बाद नमामि घर के बाहर टहलते हुए पास के चबूतरे में जाकर बैठ गए, इस दौरान उनके बड़े भाई बैधनाथ यादव भी मौजूद थे। थोड़ी देर बाद बड़ा भाई उठकर घर आ गया। आधे घंटे बाद गांव के लोग दौड़कर बड़े भाई के पास आते है, और बताते है कि गांव में रहने वाले घनश्याम केवट से नमामि का विवाद हुआ तो चाकू मारकर गंभीर रूप से उसे घायल कर दिया। 

 


दौड़कर बैधनाथ घटनास्थल पहुंचते है, और मदद के लिए 108 और 112 को काल करते है, पर दोनों में कोई नहीं पहुंचता है। इसके बाद जैसे-तैसे इलाज के लिए नमामि को बरगी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाता है, जहां हालत गंभीर होने के कारण मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जाता है। मृतक के बड़े भाई का कहना था कि अस्पताल में तैनात गाड़ी के ब्रेकफेल होने के कारण वह नहीं चल सकती थी, जिसके चलते उसे प्राइवेट अस्पताल में मेडिकल कालेज लेकर आते है, पर तब तक उसकी मौत हो जाती है। डाक्टरों का कहना था कि थोड़ा लेट हो गए, अगर आधे घंटे पहले लेकर आते तो जान बच जाती। 

 वैधनाथ का कहना था कि उसके छोटे भाई का गांव में कभी भी किसी से विवाद नहीं था, घनश्याम ने क्यों हत्या कर दी है, यह उसके पकड़ में आने के बाद ही पता चल पाएगा। इधर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की तैनात गाड़ियों की पोल उस समय खुल गई, जब गंभीर हालत में एक युवक तड़पता रहा, और ना ही उसे 112 की मदद मिली और ना ही 108 की। परिजनों ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 

 


परिजनों का आरोप है कि काफी इंतजार करने के बाद भी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। अस्पताल में उन्हें बताया गया कि संबंधित एम्बुलेंस तकनीकी खराबी के कारण उपलब्ध नहीं थी। परिजन घायल युवक को अपनी निजी गाड़ी से बरगी के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही नमामि यादव ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस मिल जाती और इलाज जल्दी शुरू हो जाता, तो शायद आज नमामि जिंदा होता। बताया जा रहा है कि मृतक की शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी। घटना के बाद परिवार की खुशियां कुछ ही माह के भीतर मातम में बदल गईं। बरगी थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा का कहना है कि हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।