भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में 6 अक्टूबर को युवाओं से संवाद करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फोटो साभार Jansampark MP

मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 2027 अहम साल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में कहा कि 2027 युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा और उस साल मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की एक नहीं, दो परीक्षाएं होंगी।

इसी मंच से सरकारी कॉलेजों में फ्री कोचिंग, प्लेसमेंट एजेंसी, 12 नए मेडिकल कॉलेज और शोधार्थियों की राशि बढ़ाने जैसी घोषणाएं भी हुईं। 15 अक्टूबर को राज्य शासन ने पेपर लीक के मामलों के लिए 4 फास्ट-ट्रैक कोर्ट की जानकारी दी।

आज जानेंगे कि…

  • MPPSC की दो परीक्षाओं का ऐलान आपके लिए क्या मायने रखता है?
  • फ्री कोचिंग और प्लेसमेंट से किसे फायदा होगा?
  • पेपर लीक के केस अब कहां और कितनी जल्दी सुने जाएंगे?

सवाल- MPPSC की दो परीक्षाओं को लेकर क्या घोषणा हुई है?

जवाब- मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की एक नहीं, दो परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

सवाल- क्या दोनों परीक्षाओं की तारीख और पद तय हो गए हैं?

जवाब- नहीं। अभी तक आयोग ने दो परीक्षाओं का कोई परीक्षा कैलेंडर या अधिसूचना जारी नहीं की है। पदों की संख्या, पात्रता, आयु सीमा और फीस की जानकारी आयोग की अधिसूचना से ही पता चलेगी। यानी फिलहाल आयोग की अधिसूचना का इंतजार है। उम्मीदवार MPPSC की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।

नीचे ग्राफिक में देखिए, युवाओं के लिए की गई 8 बड़ी घोषणाएं…

ग्राफिक से समझिए, सीएम यूथ कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए क्या घोषणाएं हुईं
ग्राफिक से समझिए, सीएम यूथ कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए क्या घोषणाएं हुईं

सवाल- फ्री कोचिंग कहां मिलेगी?

जवाब- मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों के शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। विस्तृत आदेश अभी नहीं आया है।

सवाल- कॉलेज के छात्रों को नौकरी से जोड़ने के लिए क्या होगा?

जवाब- कॉलेजों में बेहतर प्लेसमेंट के लिए एक विशेष एजेंसी तय की जाएगी, जो युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम करेगी। सरकार के मुताबिक…

रोजगार और पढ़ाई से जुड़ी घोषणाएं

  • नए संस्थान. 12 नए मेडिकल कॉलेज और रोजगारपरक कोर्स के लिए 12 नए विश्वविद्यालय, जो कौशल उन्नयन पर केंद्रित होंगे
  • कौशल. एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन योजना से जोड़ा जाएगा
  • AI लैब. सभी शासकीय महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और एडवांस कम्प्यूटिंग लैब
  • छात्राएं. स्नातकोत्तर की छात्राओं को गांव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना में शामिल किया जाएगा

सवाल- रिसर्च करने वाले छात्रों को क्या फायदा होगा?

जवाब- उच्च शिक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए शोधार्थियों को मिलने वाली राशि ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह की जाएगी। यानी हर महीने ₹9,000 ज्यादा मिलेंगे।

सवाल- स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के लिए क्या है?

जवाब- राज्य स्तर पर युवाओं के स्टार्टअप आइडिया को प्रोत्साहित करने के लिए ₹5 करोड़ का आइडिया फंड बनाया जाएगा। कॉन्क्लेव में एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को स्टार्टअप के लिए ₹5 लाख तक अनुदान की व्यवस्था है।

सवाल- युवा अपने सुझाव सरकार तक कैसे पहुंचा सकेंगे?

जवाब- युवा वर्ष 2027 के लिए एक पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसमें युवा अपने विचार और सुझाव दे सकेंगे। उपयुक्त सुझावों को सरकार लागू करने की दिशा में काम करेगी।

सवाल- और कौन सी घोषणाएं हुईं?

जवाब- राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की प्रदेश में 500 नई इकाइयां बनेंगी और हर संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी शासकीय विभागों में 85 हजार युवाओं को नौकरी दी है।

पेपर लीक पर 4 शहरों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट

सवाल- पेपर लीक और नकल के केस के लिए क्या बदला है?

जवाब- प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक के मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए सरकार और उच्च न्यायालय ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में 4 विशेष अदालतें बनाई हैं। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

सवाल- इन केस का फैसला कितनी जल्दी होगा?

जवाब- इन अदालतों को चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। पैरवी विशेष अभियोजक करेंगे और संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में SIT बनाई गई है।

मैप से समझें, किस कोर्ट में किन जिलों के केस जाएंगे…

मैप में केवल वे जिले दिखाए गए हैं जिनके नाम शासन की जानकारी में दिए गए हैं
मैप में केवल वे जिले दिखाए गए हैं जिनके नाम शासन की जानकारी में दिए गए हैं
फास्ट-ट्रैक कोर्टजिले
भोपालभोपाल, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़, विदिशा
इंदौरइंदौर, धार, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, उज्जैन, देवास और आसपास का मालवा-निमाड़ क्षेत्र
ग्वालियरग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, टीकमगढ़
जबलपुरजबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल और महाकौशल व बुंदेलखंड के अन्य जिले

कुछ कॉमन सवाल जवाब

  • MPPSC की 2027 की परीक्षाओं का फॉर्म कब आएगा? आयोग की अधिसूचना का इंतजार है, अभी कोई तारीख घोषित नहीं हुई।
  • फ्री कोचिंग किन कॉलेजों में होगी? सभी जिलों के शासकीय महाविद्यालयों में, विस्तृत आदेश आना बाकी है।
  • पेपर लीक का ट्रायल कितने दिन में? चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।

ग्राफिक- StateNews

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

MPPSC 2027 में कितनी परीक्षाएं कराएगा?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के मुताबिक 2027 में आयोग की दो परीक्षाएं होंगी। आयोग की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है।

MP में शोधार्थियों को अब कितनी राशि मिलेगी?

घोषणा के अनुसार राशि ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह की जाएगी।

MP में पेपर लीक के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट कहां बने हैं?

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में।

युवा वर्ष 2027 के लिए क्या पोर्टल आएगा?

हां, युवाओं के विचार और सुझाव के लिए एक पोर्टल शुरू करने की घोषणा हुई है।

स्रोत जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश