स्वरोजगार प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनेंगे त्योंथर महाविद्यालय के विद्यार्थी
रीवा जिले के शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, त्योंथर में मध्यप्रदेश शासन द्वारा वित्त पोषित स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए 25 दिवसीय यूनिफॉर्म निर्माण और ब्यूटीशियन स्वरोजगार प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परंपरागत शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है।
- शुभारंभ 7 अक्टूबर से, 25 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अंजना सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित।
- विद्यार्थियों के लिए 'करके सीखने' (हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग) का अवसर।
- निस्सी फाउंडेशन, रीवा के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण।
- सिलाई और ब्यूटीशियन विधाओं की बारीकियों का व्यावहारिक अभ्यास।
- महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं अतिथि विद्वान उपस्थित रहे।
प्राचार्य की अपील: डिग्री के साथ हुनर जरूरी
उद्घाटन अवसर पर प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अंजना सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में उच्च शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल अनिवार्य हो गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने की अपील की, ताकि वे अपने कौशल के दम पर स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
करके सीखने पर जोर
कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. ऋतु शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने के बजाय हाथों-हाथ सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा सिलाई और ब्यूटीशियन विधाओं में व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है।
महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि 'कक्षा से कौशल और कौशल से स्वरोजगार' का यह मॉडल विद्यार्थियों के सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की नींव तैयार करेगा। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. उमेश प्रसाद पटेल ने किया।
इस प्रयास से महाविद्यालय के विद्यार्थी न केवल स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करेंगे, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी बढ़ाएंगे।
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