बैतूल/आमला: एसआईआर 2026 (विशेष गहन पुनरीक्षण) के अंतर्गत आमला नगर में मतदाता सूची संशोधन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नूरी जामा मस्जिद आमला सदर की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम कार्यालय में एसडीएम श्री मोदी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम काटे जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि नगर में वर्षों से निवासरत मुस्लिम समुदाय के अनेक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की शिकायतों के आधार पर की जा रही है, जिससे समुदाय में असमंजस और भय का माहौल बना हुआ है।
प्रभावित मतदाताओं का कहना है कि वे लंबे समय से आमला नगर में रह रहे हैं और पूर्व में उनका नाम विधिवत मतदाता सूची में दर्ज था। इसके बावजूद एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनके नाम हटाए जा रहे हैं। लोगों की आशंका है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो वे अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्टीकरण दिया गया है कि एसडीएम कार्यालय के निर्देशन में मतदाताओं का मौके पर सत्यापन कराया जा रहा है तथा नियमानुसार पंचनामा तैयार किया जा रहा है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा बनी हुई है कि एसआईआर की प्रक्रिया में सबसे अधिक प्रभाव मुस्लिम मतदाताओं पर ही पड़ रहा है।
नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं संवेदनशील तरीके से पूरी की जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना ठोस कारण के सूची से न हटे और लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रहें। साथ ही, झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई की जाए।
अभी तक प्रशासन की ओर से इस विषय में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त सभी आपत्तियों और ज्ञापनों का निराकरण नियमानुसार किया जाएगा।
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