आमला। तहसील आमला अंतर्गत अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पोकलेन मशीन और डंपर जब्त किया है। संयुक्त जांच में अवैध उत्खनन का मामला सामने आने पर संबंधित संचालक पर 21 करोड़ 23 लाख 10 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बैतूल के मार्गदर्शन में खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने 26 मार्च 2026 को तहसील आमला के ग्राम अंबाड़ा स्थित स्टोन क्रेशर एवं आसपास के क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ग्राम अंबाड़ा स्थित निजी भूमि खसरा नंबर 413/2 रकबा 0.607 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 408 रकबा 1.578 हेक्टेयर के हिस्से में पोकलेन मशीन से बोल्डर/पत्थर का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। मौके से डंपर क्रमांक एमपी 48 एच 0520 द्वारा खनिज का अवैध परिवहन भी पकड़ा गया।
जांच के दौरान मशीन और डंपर चालक ने बताया कि उक्त उत्खनन और परिवहन कार्य स्टोन क्रेशर संचालक उपेंद्र उर्फ भूरू सूर्यवंशी द्वारा कराया जा रहा था। मौके पर मौजूद दल ने उत्खनित क्षेत्र की माप कराई, जिसमें लगभग 14,154 घनमीटर खनिज का अवैध उत्खनन आंका गया।
कार्रवाई के तहत पोकलेन मशीन और डंपर को जब्त कर पुलिस चौकी बोडखी, थाना आमला की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है।
इसी दौरान मास्टर स्टोन क्रेशर के संचालक देवधर इंगले के प्रकरण में भी जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि स्वीकृत एवं अनुबंधित पत्थर उत्खनन पट्टा क्षेत्र में ब्लास्टिंग से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, साथ ही पर्यावरण एवं खनिज नियमों के पालन में भी कमी पाई गई।
प्रशासन ने अवैध उत्खननकर्ता उपेंद्र उर्फ भूरू सूर्यवंशी के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के नियम 18(2) के तहत कार्रवाई करते हुए ₹21,23,10,000 का जुर्माना प्रस्तावित किया है। यह प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय, बैतूल में प्रस्तुत किया जा रहा है।
वहीं, मास्टर स्टोन क्रेशर संचालक देवधर इंगले के विरुद्ध भी मप्र गौण खनिज नियम 1996 के तहत पट्टा संचालन में गंभीर अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

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