बैतूल। नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वीरेन्द्र जैन (पुलिस अधीक्षक, बैतूल) के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी पर ₹3000 का इनाम घोषित था, जिसे पुलिस ने एक शादी समारोह में पहुंचते ही घेराबंदी कर दबोच लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना बीजादेही में 14 फरवरी 2025 को फरियादी सुनील यादव द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी राजेश यादव ने अपने साथियों अमित देशमुख और हरीश पालीवाल के साथ मिलकर सहायक ग्रेड-2 एवं ग्रेड-3 के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर युवाओं से पैसे ऐंठे गए।

मामले में थाना बीजादेही में अपराध क्रमांक 18/25 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 भादवि के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। घटना के बाद से मुख्य आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे और उस पर इनाम भी घोषित किया गया था।

पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद शातिर प्रवृत्ति का है और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा गया था।

इसी क्रम में 22 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ग्राम सिल्लोट पाढर में एक शादी समारोह में आने वाला है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रामकुमार मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम की सतर्कता से उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी को विधिवत न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में सउनि जी.पी. बिल्लौरे, आरक्षक मनीराम एवं आरक्षक मिथिलेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*पुलिस की अपील*

पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें। किसी भी प्रकार के फर्जी नियुक्ति पत्र या ऑफर मिलने पर संबंधित विभाग से पुष्टि करें और संदिग्ध मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

— “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें – धोखाधड़ी से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।”