मुलताई: किसान संघर्ष समिति द्वारा संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर "16 जनवरी राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस" के प्रचार-प्रसार हेतु यात्रा का दूसरा दिन परमंडल, सर्रा, हेटी, खतेड़ाकला, हरनाखेड़ी, टेमझिरा, बरई, महतपुर, खेड़ली बाजार, बाबरबोह आदि गांवों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस यात्रा में किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुनीलम, जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के, जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण बोरबन, विनोदी महाजन, हेमराज देशमुख, लखन सूर्यवंशी, भागवत परिहार, और संदीप सिंह शामिल रहे।
डॉ सुनीलम का वक्तव्य
डॉ सुनीलम ने विभिन्न ग्रामों में आयोजित सभाओं में कहा कि सरकारें किसानों के खिलाफ षड्यंत्र रच रही हैं। उन्होंने तीन किसान विरोधी कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि 750 किसानों की शहादत के बावजूद, इन्हें राष्ट्रीय कृषि बाजार नीति के तहत फिर से लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, बीज विधेयक, बिजली सुधार विधेयक, यूरिया की कालाबाजारी एवं एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं देना जैसे कदम भी शामिल हैं।
प्रतिरोध दिवस की घोषणा
डॉ सुनीलम ने बताया कि 550 किसान संगठनों के मंच, संयुक्त किसान मोर्चा, द्वारा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 16 जनवरी को राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाया जाएगा।
शहीद किसान स्मृति सम्मेलन
जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के ने 12 जनवरी को आयोजित 28वें शहीद किसान स्मृति सम्मेलन के लिए आमंत्रण देते हुए कहा कि इस मौके पर तुषार गांधी, मुंबई हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश कोलसे पाटिल, और अन्य प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रहेगी।
किसानों का प्रशिक्षण शिविर
महामंत्री भागवत परिहार ने जानकारी दी कि किसान संघर्ष समिति द्वारा 10 एवं 11 जनवरी 2026 को किसानों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
किसानों की आमदनी में गिरावट
जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण बोरबन ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति उल्टी हो गई है। मक्का और सोयाबीन के दामों में भारी गिरावट आई है, जबकि बीजों के दाम बढ़ गए हैं।
यात्रा के पहले दिन की सफलता के बाद, ग्रामीणों से 12 जनवरी को शहीद किसान स्मृति सम्मेलन में शामिल होने की अपील की गई।
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