*मुलताई पुलिस ने आरोपी पिता के विरुद्ध किया पॉक्सो एक्ट एवं सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीकृत*
थाना मुलताई क्षेत्र में एक अत्यंत गंभीर एवं दुखद प्रकरण सामने आया है, जिसमें एक 10 वर्षीय नाबालिग बालिका (नाम गोपनीय) ने अपने ही पिता पर लंबे समय से अनुचित कृत्य (दुष्कर्म) करने, डराने धमकाने एवम् जान से खत्म करने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
*घटना का विवरण*
दिनांक 26/02/2026 को डायल 112 पर नाबालिक बालिका की मां द्वारा सूचना दी गई कि उसके पति द्वारा उसकी 10 वर्षीय बेटी को कमरे में बंद कर गलत काम किया जा रहा है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए *डायल 112* पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और कमरे को खुलवाकर पीड़िता को कलयुगी पिता से मुक्त कराया औरआरोपी को मुलताई थाना लेकर आए। *डायल 112* के साथ ही नाबालिग बालिका अपनी माता के साथ थाना मुलताई उपस्थित हुई और रिपोर्ट दर्ज कराई।
नाबालिग बालिका ने बताया कि उसके पिता द्वारा जब जब उसकी मां घर में नहीं होती थी तब तब लंबे समय से उसके साथ अनुचित कृत्य किए जा रहा है, तथा विरोध करने पर डराया-धमकाया जाता था।
नाबालिका द्वारा पूर्व में अपनी मां से पिता के द्वारा की गई अनुचित कृत्य की जानकारी देने पर आरोपी द्वारा उसकी मां को भी कई बार मारा पीटा गया एवं धमकाया गया।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी पिता उसे अकेले में साथ में सुलाता था एवं अनुचित कृत्य करता था। दिनांक 26.02.26 को भी आरोपी द्वारा नाबालिका के साथ शाम 3–4 बजे उसके पुराने घर में ले जाकर दुष्कृत्य किया गया एवं आरोपी के सोने पर नाबालिग घर वापस आ गई। आरोपी सो कर उठा तो नाबालिका को फिर से पुराने घर में बंद कर उसके साथ जबरदस्ती करने लगा जिससे नाबालिका रोने लगी। उसी समय नाबालिका की मां घर पर पहुंची जिसने बच्ची को रोता देखकर दरवाजा खटखटाया एवं उसकी बेटी को छोड़ने को कहा गया। आरोपी द्वारा दरवाज़ा न खोलने पर पीड़िता की मां द्वारा डायल 112 पर फोन कर उक्त संबंध में जानकारी दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आरोपी को हिरासत में लिया।
*अपराध पंजीयन*
फरियादिया की रिपोर्ट पर आरोपी के विरुद्ध धारा 65(2), 64(2)(f), 64(2)(m), 351(3) भारतीय न्याय संहिता एवं 5(L)/6, 5(M)/6, 5(N)/6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
आरोपी को विधिसम्मत कार्रवाई हेतु न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
बालिका की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी गई है तथा प्रकरण की विवेचना संवेदनशीलता एवं गंभीरता से की जा रही है।
*पुलिस अधीक्षक बैतूल की अपील*
* पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर ऐसा सुरक्षित वातावरण बनाना चाहिए जहाँ बच्चे बिना डर अपनी बात कह सकें।
* उन्होंने कहा कि यदि किसी भी बच्चे के साथ शारीरिक, मानसिक या लैंगिक शोषण की आशंका हो, तो इसे छिपाएँ नहीं। तुरंत *डायल 112 या नजदीकी थाना में सूचना* दें। समय पर दी गई सूचना से बच्चे को सुरक्षित किया जा सकता है और दोषी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव होती है।
* पुलिस अधीक्षक ने अभिभावकों से विशेष रूप से आग्रह किया है कि वे बच्चों को *“अच्छा स्पर्श–बुरा स्पर्श”* के बारे में सरल भाषा में समझाएँ, उनसे नियमित संवाद रखें और उनके व्यवहार में किसी भी असामान्य परिवर्तन को गंभीरता से लें।
* उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के प्रति पुलिस की *जीरो टॉलरेंस* नीति है। हर पीड़ित को संवेदनशीलता के साथ न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।
*सामाजिक संदेश*
* यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है। एक मासूम बच्ची, जिसे अपने परिवार में सबसे अधिक सुरक्षा और स्नेह मिलना चाहिए, उसे ही भय और पीड़ा का सामना करना पड़ा। बचपन विश्वास, संरक्षण और प्यार का समय होता है — ऐसे में किसी भी प्रकार का अत्याचार न केवल कानूनन अपराध है बल्कि मानवता के विरुद्ध भी है।
* पिता का दायित्व अपने बच्चों की रक्षा करना और उनका भविष्य संवारना होता है। जब वही संबंध विश्वास तोड़ दे, तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। ऐसे मामलों में चुप्पी अपराध को बढ़ावा देती है।
* हम सभी की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण दें, उनसे खुलकर संवाद रखें और किसी भी प्रकार की शंका होने पर तुरंत संबंधित प्राधिकरण को सूचना दें। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है — उनकी आवाज बनना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है।
PRO Police Betul

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