आमला। शहर में जारी निर्माण कार्यों के बीच ठेकेदार की घोर लापरवाही और नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता ने आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। बुधवार दोपहर एक चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन डिवाइडर के पिलर से जा टकराया। हादसा बड़ा रूप ले सकता था, लेकिन सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई।

शहर में चंद्रभागा नदी से बस स्टैंड तक स्ट्रीट लाइट और डिवाइडर निर्माण का कार्य लाखों रुपये की लागत से किया जा रहा है। वहीं जनपद चौक से पीरमंजिल तक सड़क और नाली निर्माण का ठेका भी उसी एजेंसी के पास है। बावजूद इसके कार्यों में भारी अनियमितताएं और लापरवाही साफ नजर आ रही है।

सूत्रों के अनुसार, निर्माण एजेंसी ने पहले डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट का कार्य शुरू किया, लेकिन कुछ ही दिनों में उसे अधूरा छोड़कर पीरमंजिल क्षेत्र में नाली निर्माण शुरू कर दिया। इस दौरान सड़क को जगह-जगह खोद दिया गया, जिससे पूरा मार्ग अव्यवस्थित हो गया है और आवागमन बाधित हो रहा है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि निर्माण स्थल पर न तो चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है। रात के समय अंधेरे में यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि कई स्थानों पर पिछले हफ्तों से काम पूरी तरह बंद पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी—सीएमओ और संबंधित इंजीनियर—मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।

*व्यस्त मार्ग बना जोखिम का रास्ता*

आमला-बोरदेही मुख्य मार्ग शहर की जीवनरेखा माना जाता है, जहां दिनभर भारी वाहनों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों का लगातार आवागमन रहता है। ऐसे व्यस्त मार्ग पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ साबित हो रही है।

नागरिकों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्रवासियों में ठेकेदार और संबंधित विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण स्थल पर तत्काल चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।