आमला। नगर और आसपास के मार्गों पर डबल ट्रैक्टर-ट्रॉली में ओवरलोड गन्ना परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो ठोस कार्रवाई हो रही है और न ही संबंधित मिल प्रबंधन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो ट्रैक्टरों से जुड़ी ट्रॉली में ऊंचाई तक गन्ना लादकर संकरे मार्गों से आवाजाही की जा रही है। इससे यातायात बाधित होता है और दोपहिया व छोटे वाहनों के लिए गंभीर खतरा बना रहता है। रात के समय बिना पर्याप्त रिफ्लेक्टर/लाइट के चलने वाली ऐसी ट्रॉलियां हादसे की आशंका को और बढ़ा देती हैं।

नागरिकों का कहना है कि यदि किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो गई तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—शासन, मिल प्रबंधन या ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालक? फिलहाल जवाबदेही तय नहीं दिख रही है। लोगों ने प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाने, ओवरलोडिंग पर सख्त चालानी कार्रवाई करने, रात्रि गश्त बढ़ाने और मिल परिसर से निकलने वाले वाहनों की फिटनेस व सुरक्षा मानकों की अनिवार्य जांच की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वे सामूहिक ज्ञापन और आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बढ़ते जोखिम पर कब तक ठोस कार्रवाई करता है।