आमला। आगामी होली, धुलेंडी, ईद, रामनवमी एवं चैतीचांद पर्व को सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन, पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधि, व्यापारी संघ, पत्रकार एवं विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शैलेन्द्र बड़ोनिया ने की। इस अवसर पर थाना प्रभारी रविकांत डेहरिया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नितिन कुमार बिंजवे, बीएमओ डॉ. अशोक नरवरे, बिजली विभाग के ग्रामीण प्रबंधक सृजनदीप बरेले, नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाड़रे सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

🔹 पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया ने शासन की ओर से आमजन से अपील करते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए इस वर्ष होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गौकाष्ठ (गाय के गोबर से बनी लकड़ी) एवं उपलों का उपयोग किया जाए।

उन्होंने कहा,

“होली का पर्व हमारी संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक है। यदि हम लकड़ी की जगह गौकाष्ठ का उपयोग करेंगे, तो इससे पेड़ों की कटाई रुकेगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।”

🔹 बैठक के मुख्य बिंदु

कानून व्यवस्था:

थाना प्रभारी रविकांत डेहरिया ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान हुड़दंग करने वालों और शांति भंग करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था:

संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

यातायात व सुरक्षा अपील:

शराब के नशे में वाहन न चलाने एवं तीन सवारी न बैठाने की सख्त हिदायत दी गई। नागरिकों से अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई।

आपसी सौहार्द:

सभी समुदायों से एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए होली, ईद, रामनवमी, चैतीचांद आदि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की गई।

🔹 प्रशासन की अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

शांति, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ बैठक का समापन किया गया।