आंगनवाड़ी केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण के निर्देश जारी
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कम लाभार्थी वाले केन्द्र होंगे स्थानांतरित, स्कूलों के साथ को-लोकेशन पर जोर
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भारत सरकार द्वारा राज्यों को स्वीकृत आंगनवाड़ी केन्द्रों की निर्धारित संख्या के पश्चात नए केन्द्रों की स्वीकृति फिलहाल नहीं दी जा रही है। इस परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार ने राज्यों को स्वीकृत आंगनवाड़ी केन्द्रों की सीमा के भीतर ही युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। यह कार्यवाही सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत स्वीकृत केन्द्रों पर लागू होगी। PM-JANMAN एवं DA-JGUA योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत केन्द्र इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।
जारी निर्देशों के अनुसार -
कम या शून्य लाभार्थी वाले केन्द्रों की पहचानरूऐसे आंगनवाड़ी केन्द्र, जहां लाभार्थियों की संख्या अत्यंत कम या शून्य है, अथवा जो पूरे माह संचालित नहीं हो रहे हैं, उनकी पहचान कर उन्हें ऐसे क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा सकता है जहां सेवाओं की अधिक आवश्यकता है, विशेषकर दूरस्थ या वंचित क्षेत्र।
प्राथमिक शालाओं के साथ को-लोकेशन - आंगनवाड़ी केन्द्रों को शासकीय प्राथमिक विद्यालयों के साथ सह-स्थित करने की कार्यवाही की जाएगी, जिससे आधारभूत सुविधाओं का बेहतर उपयोग हो सके और बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा व पोषण सेवाओं का समन्वित लाभ मिल सके।
उच्च आवश्यकता वाले क्षेत्रों की समीक्षा-गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों की अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में आंगनवाड़ी सेवाओं की उपलब्धता एवं क्षमता की समीक्षा की जाएगी, ताकि आवश्यकता के अनुरूप सेवा वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
भारत सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही के लिए परियोजना स्तर पर 2 सप्ताह तथा जिला स्तर पर 1 सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित की गई है। संबंधित परियोजना एवं जिला स्तरीय प्रपत्र जिलों को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
इस पहल से जिले में आंगनवाड़ी केन्द्रों की सेवाओं का अधिक आवश्यकता वाले क्षेत्रों में प्रभावी विस्तार संभव होगा तथा उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

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