मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के अंतर्गत आने वाले कटंगी विकासखंड में खेती को उन्नत और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कृषि विभाग द्वारा संचालित 'कृषि रथ' 25 मई 2026 को कटंगी के ग्राम पंचायत देवठाना, मानेगांव एवं चिकमारा पहुंचा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना था। कार्यक्रम में क्षेत्र के सरपंच, जनपद सदस्य, वार्ड पंच, सचिव, रोजगार सहायक के साथ-साथ बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
आधुनिक तकनीकों और कृषि विस्तार पर चर्चा
कृषि रथ के माध्यम से आयोजित इन जागरूकता कार्यक्रमों में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खेती की नई बारीकियां समझाईं।
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डीएसआर पद्धति का महत्व: कृषि विस्तार अधिकारी श्रद्धा मोहन्ता ने किसानों को धान की बुआई के लिए 'डायरेक्ट सीडेड राइस' (DSR) पद्धति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मृदा परीक्षण कार्ड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी जमीन की मिट्टी की जांच करवाकर किसान सही मात्रा में उर्वरक का उपयोग कर सकते हैं, जिससे उत्पादन लागत घटती है।
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प्राकृतिक खेती और हरित खाद: प्राकृतिक खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ाते हुए उन्होंने हरित खाद के उपयोग के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों और प्राकृतिक संसाधनों का तालमेल ही भविष्य की खेती को टिकाऊ बना सकता है।
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सिंचाई तकनीक और बायोगैस: कृषि विस्तार अधिकारी वंदना धुर्वे ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई सिस्टम के लाभ गिनाए। उन्होंने बलराम तालाब योजना और बायोगैस प्लांट की जानकारी देते हुए किसानों को जल संवर्धन और पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित किया।
अवशेष प्रबंधन और उद्यानिकी फसलों का प्रोत्साहन
खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु कृषि विस्तार अधिकारी सलिल दीक्षित ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने पराली प्रबंधन पर विशेष जोर दिया और किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उसका उपयोग जैविक खाद बनाने में करें। साथ ही, ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था और विभाग में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण धान बीजों के बारे में भी किसानों को अवगत कराया गया।
उद्यानिकी विभाग की ओर से ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी रेणुका डेहरिया ने बागवानी के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने फल क्षेत्र विस्तार योजना, सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना और पीएमएफएमई (PMFME) योजना के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहकर उद्यानिकी फसलों की ओर भी कदम बढ़ाएं।
पशुपालन और आय बढ़ाने के अतिरिक्त उपाय
खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी आजीविका का मुख्य आधार बनाने के लिए सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी अमीषा रामटेके एवं सोनिका ठाकरे ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने पशुओं के नियमित टीकाकरण और डेयरी विकास के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने की तकनीकें बताईं। उन्होंने कहा कि पशुपालन न केवल घर की आय बढ़ाता है, बल्कि जैविक खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कर खेती को भी समृद्ध करता है।
किसानों की बढ़ी जागरूकता और संतोष
इस आयोजन के दौरान उपस्थित किसानों ने कृषि रथ अभियान की जमकर सराहना की। किसानों का मानना है कि पहले उन्हें सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती थी, लेकिन अब विशेषज्ञों द्वारा गांव-गांव आकर दी जा रही जानकारी से उन्हें सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से वे नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने में सक्षम हो पाएंगे।
कार्यक्रम का समापन "धरती माता बचाओ अभियान" के तहत पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। यह अभियान बालाघाट जिले में किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल साबित हो रहा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। आने वाले समय में ऐसे अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक कृषि की अलख जगाने का लक्ष्य रखा गया है।
image source: https://balaghat.mpinfo.org
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