बालाघाट जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों के खेतों तक पहुँचाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा एक विशेष पहल की गई है। मंगलवार को जिले के कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) संचालकों के लिए एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में आधुनिक खेती के तौर-तरीकों, यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और व्यवसाय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सत्र का नेतृत्व उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने किया, जिसमें जिले के सभी विकासखंडों के संचालक और विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वर्चुअल रूप से जुड़े।
किसानों के लिए वरदान बनेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर संचालक केवल एक व्यवसायी नहीं, बल्कि किसानों के लिए एक तकनीकी सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने संचालकों को निर्देश दिए कि वे किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की सुविधा समय पर पहुँचाने का संकल्प लें। जब छोटे और सीमांत किसानों को कम किराये पर उन्नत मशीनें उपलब्ध होंगी, तो न केवल उनकी खेती की लागत में कमी आएगी, बल्कि उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
संचालकों को विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर सक्रिय सहयोग करने के निर्देश दिए गए:
-
यंत्रों की समय पर उपलब्धता: सीजन के दौरान जब मशीनों की मांग सबसे अधिक होती है, तब संचालकों को अपनी सेवा को तत्पर रखना होगा।
-
तकनीकी मार्गदर्शन: मशीन किराए पर देने के साथ ही, संचालक को उस मशीन के सुरक्षित और प्रभावी संचालन की जानकारी भी किसान को देनी चाहिए।
-
समस्या समाधान: यदि खेत में किसी तकनीकी समस्या का सामना किसान करता है, तो कस्टम हायरिंग सेंटर को समाधान में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
व्यवसाय विस्तार और डिजिटल पहुंच की रणनीति
प्रशिक्षण में केवल खेती की बात नहीं हुई, बल्कि व्यवसाय प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। श्री मालवीय ने कहा कि जो संचालक बेहतर प्रबंधन, समयबद्ध सेवा और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं, उनका व्यवसाय स्वतः ही विस्तार लेता है। उन्होंने संचालकों को सुझाव दिया कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। यदि संचालक व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया या विभागीय डिजिटल पोर्टलों के माध्यम से किसानों के साथ सतत संपर्क बनाए रखते हैं, तो वे एक बड़े क्षेत्र के किसानों तक अपनी पहुंच बना सकते हैं।
बेहतर व्यवसाय के लिए कुछ प्रमुख टिप्स:
-
समयबद्धता: किसानों के लिए समय ही धन है। बुवाई के समय पर मशीन पहुँचना सबसे बड़ी सेवा है।
-
मशीनों का रखरखाव: बेहतर सेवा के लिए यह आवश्यक है कि मशीनों का नियमित मेंटेनेंस किया जाए ताकि ऐन वक्त पर मशीन खराब न हो।
-
किसान फीडबैक: किसानों के सुझावों को गंभीरता से लें और अपनी सेवाओं को तदनुसार अपडेट करें।
खरीफ सीजन में डीएसआर (DSR) तकनीक पर विशेष जोर
इस ऑनलाइन प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू 'डायरेक्ट सीडेड राइस' (DSR) तकनीक का प्रचार-प्रसार था। विभाग ने स्पष्ट किया कि खरीफ सीजन में जिले के धान के रकबे में डीएसआर तकनीक के उपयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कस्टम हायरिंग सेंटर संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे सुपर सीडर मशीन के माध्यम से बुवाई को बढ़ावा दें।
डीएसआर तकनीक के लाभों को दोहराते हुए कहा गया:
-
पानी की बचत: पारंपरिक रोपाई की तुलना में इसमें पानी की बहुत कम खपत होती है।
-
श्रम लागत में कटौती: बिचड़ा उखाड़ने और रोपाई की पारंपरिक प्रक्रिया का खर्च बचता है।
-
समय पर बुवाई: इस तकनीक से बोनी बहुत जल्दी और सुव्यवस्थित तरीके से संभव हो पाती है, जिससे फसल चक्र का सही प्रबंधन हो जाता है।
-
आर्थिक लाभ: लागत कम होने और उत्पादन अच्छा होने से किसान को अधिक लाभ प्राप्त होता है।
कृषि यंत्रीकरण अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी
श्री मालवीय ने अंत में कहा कि कृषि विभाग का सपना है कि बालाघाट का हर किसान वैज्ञानिक खेती से जुड़े। कस्टम हायरिंग सेंटर इस मिशन की रीढ़ हैं। सरकार द्वारा कृषि यंत्रों पर अनुदान और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं, जिसका लाभ इन केंद्रों के माध्यम से किसानों तक पहुंचना चाहिए। विभाग संचालकों से यह अपेक्षा करता है कि वे पूरी ईमानदारी और सेवा भाव से अपने कार्य का विस्तार करें।
यह ऑनलाइन प्रशिक्षण बालाघाट जिले की कृषि व्यवस्था में यंत्रीकरण के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। प्रशासन की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि आगामी खरीफ सीजन में जिले में न केवल बुवाई की गति बढ़ेगी, बल्कि नई तकनीकों के माध्यम से उत्पादन के नए कीर्तिमान भी स्थापित होंगे। प्रशिक्षण के अंत में संचालकों ने भी अपनी समस्याओं और सुझावों को रखा, जिन पर विभाग ने उचित समाधान का आश्वासन दिया।
Image source: https://balaghat.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)