बालाघाट। खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति लापरवाही अब बालाघाट में होटल संचालकों को भारी पड़ने वाली है। शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में परोसी गई कढ़ी में छिपकली मिलने की गंभीर शिकायत के बाद हड़कंप मच गया। इस घटना को संज्ञान में लेते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बालाघाट शहर में स्थित विभिन्न होटलों और जलपान गृहों के खिलाफ एक सघन जांच अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण के दौरान स्वच्छता में गंभीर खामियां और बिना पंजीकरण के कारोबार संचालित किए जाने जैसे कई मामले सामने आए हैं, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत तब हुई जब एक ग्राहक ने शहर के एक होटल में भोजन के दौरान कढ़ी में छिपकली होने का आरोप लगाया। इस घटना की सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम हरकत में आई। विभाग ने घटना की गंभीरता को देखते हुए न केवल उस विशेष प्रतिष्ठान को खंगाला, बल्कि शहर के अन्य खाद्य विक्रेताओं और भोजनालयों का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग ने पाया कि शहर के कई होटल और जलपान गृह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के दिशा-निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे।
निरीक्षण में पाई गई मुख्य खामियां
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित प्रतिष्ठानों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान जो मुख्य अनियमितताएं सामने आईं, वे इस प्रकार हैं:
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धुवारे जलपान गृह (मोती नगर): विभाग की टीम जब सबसे पहले मोती नगर स्थित धुवारे जलपान गृह पहुंची, तो पाया कि शिकायत के बाद संचालक मंगलेश द्वारा होटल को बंद कर दिया गया था। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच प्रक्रिया जारी रखी है।
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गुरुकृपा होटल (वार्ड क्रमांक 32, मोती नगर): यहां निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई का घोर अभाव पाया गया। स्वच्छता मानकों की अनदेखी को देखते हुए विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत होटल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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लिल्हारे जलपान गृह (शिव मंदिर चौक, नर्मदा नगर): जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना किसी वैध खाद्य पंजीयन के संचालित किया जा रहा था। साथ ही, परिसर की स्थिति अत्यंत अस्वच्छ थी। इन दो बड़े उल्लंघनों पर विभाग ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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शक्ति नमकीन उद्योग एवं चाय-नाश्ता दुकान (मेन रोड, सरस्वती नगर): इस प्रतिष्ठान में भी बिना खाद्य पंजीयन के व्यापार होना पाया गया। इसके अतिरिक्त, खाद्य सामग्री को खुले में बेचना और परिसर में गंदगी का साम्राज्य पाया गया, जिस पर विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रकरण पंजीबद्ध किया।
कानूनी कार्रवाई और विभाग की स्पष्ट चेतावनी
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन सभी मामलों में तैयार की गई रिपोर्ट और दस्तावेजों को जल्द ही माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत इन सभी संचालकों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने बालाघाट जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं:
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अनिवार्य पंजीकरण: प्रत्येक खाद्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठान के पास वैध खाद्य पंजीयन (FSSAI Registration) होना अनिवार्य है।
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स्वच्छता के मानक: परिसर की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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गुणवत्ता सुनिश्चित करें: उपभोक्ताओं को हमेशा सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना संचालकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
यह कार्रवाई न केवल संबंधित प्रतिष्ठानों के लिए एक सबक है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक राहत का संदेश है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि शहर में नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित भोजन मिल सके।
Image Source: https://balaghat.mpinfo.org
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