नीमच। जिले में नगरीय विकास की योजनाओं और जनहितकारी कार्यों की गति को तेज करने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में जिले के समस्त नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) ने भाग लिया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु विकास कार्यों की गुणवत्ता, शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही तय करना था। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही और लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लापरवाही पर सख्त एक्शन

समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री चंद्रा ने कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान निर्माण कार्यों और विभागीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए उपयंत्री (Sub-Engineer) श्री अंकित मांझी एवं श्री टेकचंद बुनकर के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई जिले में चल रहे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

योजनाओं की समीक्षा और दिशा-निर्देश

बैठक में विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

  • प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना: कलेक्टर ने योजना की प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए लक्ष्य को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले एक माह के भीतर जिले के 1,500 पात्र हितग्राहियों को ऋण का वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उन्होंने बैंकों और नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया ताकि लंबित प्रकरणों का तुरंत निपटारा हो सके।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): योजना के तहत स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, जो आवास पूर्ण हो चुके हैं, उनकी जियो-टैगिंग (Geo-tagging) निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी करना अनिवार्य किया गया है।

  • वित्तीय अनियमितताओं की जांच: नगर परिषद डीकेन में निर्मित 'वाटर बॉडी' (जल निकाय) के कार्य में सक्षम अधिकारियों की स्वीकृति के बिना ही भुगतान किए जाने का मामला सामने आया। कलेक्टर ने इस पर नाराजगी जताते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

  • जर्जर भवनों पर कार्रवाई: वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए कलेक्टर ने सभी निकायों में जर्जर और खतरनाक भवनों का तुरंत सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन भवनों से जनहानि की आशंका है, उन्हें तत्काल प्रभाव से खाली कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ध्वस्त करने की कार्यवाही की जाए।

  • सीएम हेल्पलाइन: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण के लिए कलेक्टर ने 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान पर जोर दिया।

गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की हिदायत

कलेक्टर ने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं फील्ड में उतरकर निर्माण कार्यों का नियमित स्थल निरीक्षण करें। कार्यों की गुणवत्ता से समझौता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। कलेक्टर ने सभी निकायों को हिदायत दी कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु एक संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाए।

बैठक में परियोजना अधिकारी डूडा एवं डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, नीमच की मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीमती दुर्गा बामनिया सहित जिले के समस्त नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सख्ती से अब जिले में चल रहे विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

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