नर्मदापुरम। जिले में रबी उपार्जन और खाद वितरण की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं किसान-हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में, नर्मदापुरम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री हिमांशु जैन ने बुधवार को जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों एवं खाद भंडारण केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा
सीईओ श्री हिमांशु जैन ने सर्वप्रथम बनापुरा स्थित पालीवाल वेयरहाउस उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समर्थन मूल्य पर की जा रही उपज खरीदी, तौल-कांटे की सटीकता, बारदानों की उपलब्धता और केंद्र पर उपलब्ध अन्य बुनियादी सुविधाओं की गहन जांच की।
श्री जैन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा सर्वोपरि है। उन्होंने प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया ताकि किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य बिना किसी परेशानी के मिल सके। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु 'एक्सेप्टेंस नोट' (स्वीकृति पत्रक) और 'वेयरहाउस रसीद' (WHR) को प्राथमिकता के साथ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के भुगतान में किसी भी स्तर पर देरी या लंबित प्रकरण स्वीकार्य नहीं किए जाएंगे।
खाद वितरण और कालाबाजारी पर रोक
उपार्जन केंद्र के बाद सीईओ ने बनापुरा के डबल लॉक सेंटर और सांवलखेड़ा सहकारी समिति का भी औचक निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने यूरिया और डीएपी सहित रबी सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों के स्टॉक का सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि:
-
नियमित वितरण: किसानों की वास्तविक मांग के अनुरूप खाद का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
-
कालाबाजारी पर अंकुश: उर्वरकों की कालाबाजारी या मनमाने दाम पर बिक्री की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाए।
-
सुचारू उपलब्धता: यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद भंडारण केंद्रों पर स्टॉक की कमी न हो और वितरण प्रक्रिया व्यवस्थित बनी रहे।
किसानों की सुविधाओं के प्रति संवेदनशीलता
सीईओ श्री जैन ने निरीक्षण के दौरान उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
-
पेयजल और छाया: केंद्रों पर आने वाले किसानों के लिए शुद्ध पेयजल और छायादार विश्राम स्थल की उचित व्यवस्था की जाए।
-
व्यवहार: किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अभद्र व्यवहार की सूचना मिलने पर संबंधित समिति या केंद्र के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
इस निरीक्षण कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री रविकांत सिंह, जिला विपणन अधिकारी श्री अनिल कुमार जैन, उपायुक्त सहकारिता श्री शिवम मिश्रा सहित अन्य विभागों के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे।
नर्मदापुरम प्रशासन का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि शासन की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। स्थानीय किसानों ने प्रशासन के इस औचक निरीक्षण का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि इससे उपार्जन और खाद वितरण में और अधिक सुधार आएगा।
Image Source: https://narmadapuram.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)