नीमच जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में अपेक्षित सुधार लाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में जिले भर के सभी शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य और संकुल प्राचार्य शामिल हुए। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु विद्यालयों का प्रभावी संचालन, शैक्षणिक मानकों का पालन और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास रहा।

निजी विद्यालयों पर प्रशासन की नजर

कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देश निजी विद्यालयों की निगरानी को लेकर दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को जिले के 105 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित करने का आदेश दिया। इन टीमों को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित विद्यालय सरकार द्वारा निर्धारित समस्त मानकों के अनुरूप ही संचालित हो रहे हैं या नहीं। कलेक्टर ने इस जांच प्रक्रिया को गंभीरता से लेते हुए 15 दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

शैक्षणिक गुणवत्ता और पाठ्यक्रम पर जोर

विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए कलेक्टर ने प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:

  • पाठ्यक्रम और मूल्यांकन: सभी प्राचार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पाठ्यक्रम पूर्ण करने, नियमित मासिक परीक्षण लेने और विद्यार्थियों की ग्रेडिंग प्रणाली को दुरुस्त करने को कहा गया है।

  • विषय विशेष पर फोकस: गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों में विद्यार्थियों की पकड़ मजबूत करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया है। इन विषयों के शिक्षकों के लिए डाइट (DIET) में पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

  • अतिरिक्त कक्षाएं: आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि कमजोर विद्यार्थियों को मुख्य धारा में लाया जा सके।

विद्यार्थी कल्याण और अनुशासन के कड़े नियम

कलेक्टर ने विद्यालयों के वातावरण को अनुशासित और सकारात्मक बनाने के लिए कई नवाचारी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:

  • काउंसलिंग और उपस्थिति: कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की काउंसलिंग और गतिविधियों के लिए पृथक रजिस्टर संधारित किया जाएगा। विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।

  • मोबाइल प्रतिबंध: विद्यालय समय के दौरान शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, जिसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • सर्वांगीण विकास: सांदीपनि विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय और पीएम श्री विद्यालयों में 'चेस क्लब' प्रारंभ करने के साथ ही प्रार्थना सभा के दौरान योग और मेडिटेशन को नियमित रूप से शामिल करने को कहा गया है।

  • आईडी अभियान: 'अपार आईडी' (APAAR ID) के कार्य को एक विशेष अभियान के रूप में चलाकर अगले 15 दिनों में पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है।

शिक्षकों की जवाबदेही और सम्मान

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि शिक्षकों की अनावश्यक अनुपस्थिति को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, शिक्षण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को आगामी 15 अगस्त के राष्ट्रीय पर्व पर सम्मानित किए जाने की घोषणा भी की गई, ताकि अन्य शिक्षकों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिल सके।

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती ऐश्वर्या मूंदड़ा और डीपीसी श्री दिलीप व्यास सहित जिले के सभी प्राचार्य और संकुल प्राचार्य उपस्थित थे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का पालन न केवल कागजों पर, बल्कि धरातल पर भी दिखना चाहिए ताकि नीमच जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता में गुणात्मक सुधार हो सके।

नीमच जिले की समीक्षा बैठक के संदर्भ में दिए गए निर्देश।

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