मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल से प्राप्त निर्देशानुसार, बालाघाट जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 1 जून से 30 जून 2026 तक "मेगा APAAR दिवस" का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष अभियान प्रत्येक शनिवार को विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को 'APAAR' (Automated Permanent Academic Account Registry) आईडी से जोड़ना है। इस डिजिटल शैक्षणिक पहचान के माध्यम से प्रत्येक छात्र का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड अब राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल रूप से सुरक्षित और एकीकृत हो सकेगा।

बालाघाट में APAAR आईडी बनाने का विशेष अभियान

जिला परियोजना समन्वयक श्री जीपी बर्मन ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा मंत्रालय के 'एक राष्ट्र, एक छात्र आईडी' के विजन को साकार करने के लिए बालाघाट जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इस मेगा अभियान के दौरान उन विद्यार्थियों की पहचान की जा रही है जिनकी APAAR आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। इस प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए अभिभावकों को विद्यालयों में विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन समितियों और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत संपर्क कर अभिभावकों को इस डिजिटल आईडी की महत्ता समझाएं और उन्हें शिविर में आने के लिए प्रोत्साहित करें।

दो श्रेणियों के विद्यार्थियों पर रहेगा विशेष ध्यान

"मेगा APAAR दिवस" के संचालन के दौरान मुख्य रूप से दो श्रेणियों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है:

  • पहली श्रेणी: वे विद्यार्थी जिनके पास आधार कार्ड तो मौजूद है, लेकिन अभी तक उनकी APAAR आईडी जनरेट नहीं हुई है।

  • दूसरी श्रेणी: वे विद्यार्थी जिनके पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है। इन छात्रों के लिए भी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

इस वर्गीकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा इस डिजिटल शैक्षणिक पहचान पत्र से वंचित न रहे। विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे दोनों श्रेणियों के छात्रों का डेटा अलग-अलग तैयार करें ताकि उनके लिए आईडी निर्माण की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

बालाघाट के अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए त्रि-स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। जिला शिक्षा केंद्र ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जिम्मेदारियां इस प्रकार निर्धारित की गई हैं:

  • विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRCC): अपने-अपने विकासखंड में अभियान की दैनिक निगरानी करेंगे।

  • संकुल प्राचार्य: संकुल के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में निर्धारित शनिवार को शिविरों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करेंगे।

  • जनशिक्षक, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक: घर-घर जाकर अभिभावकों को प्रेरित करेंगे और विद्यालय में शिविर के दौरान पंजीकरण फॉर्म भरने में पूरी मदद करेंगे।

डिजिटल शिक्षा प्रणाली में क्यों जरूरी है APAAR?

APAAR आईडी, जिसे 'छात्रों के लिए आधार' के रूप में देखा जा रहा है, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। बालाघाट के छात्रों के लिए इसके निम्नलिखित प्रमुख लाभ होंगे:

  1. शैक्षणिक निरंतरता: यदि कोई छात्र अपना विद्यालय बदलता है या एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है, तो उसका सारा रिकॉर्ड इस आईडी के माध्यम से एक स्थान पर उपलब्ध रहेगा।

  2. डिजिटल लॉकर सुविधा: छात्रों की मार्कशीट, सर्टिफिकेट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे, जिससे इन्हें बार-बार कागजी दस्तावेजों के रूप में ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

  3. स्कॉलरशिप और सरकारी लाभ: इस आईडी के माध्यम से छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्तियां और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी देरी के मिल सकेगा।

  4. एकीकृत रिकॉर्ड: यह छात्र के किंडरगार्टन से लेकर उच्च शिक्षा तक के संपूर्ण सफर का एक डिजिटल पोर्टफोलियो तैयार करेगा।

बालाघाट के अभिभावकों से अपील

जिला शिक्षा विभाग ने बालाघाट के सभी पालकों से अपील की है कि वे इस "मेगा APAAR दिवस" में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने बच्चों के साथ विद्यालय आएं और उनके डिजिटल पंजीकरण में सहयोग करें। यह एक नि:शुल्क और अनिवार्य प्रक्रिया है, जो बच्चे के भविष्य की डिजिटल सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिविरों के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें और पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराएं।

अभियान की सफलता के लिए निगरानी तंत्र

अभियान की गंभीरता को देखते हुए, जिला शिक्षा केंद्र ने यह निर्देश दिया है कि प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाले मेगा दिवस की रिपोर्ट जिला कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजी जाए। बालाघाट जिले में इस अभियान को न केवल एक प्रशासनिक कार्य के रूप में, बल्कि एक जन-आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है। लक्ष्य यह है कि जिले के प्रत्येक शासकीय और अशासकीय विद्यालय का प्रत्येक छात्र अपनी डिजिटल पहचान से जुड़ जाए। यह अभियान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की डिजिटल शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

अधिकारियों का मानना है कि यदि अभिभावक समय रहते विद्यालय पहुंचेंगे, तो जिले में लक्ष्य को समय-सीमा के भीतर प्राप्त करना आसान होगा। बालाघाट के सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अभियान को एक त्योहार की तरह मनाएं, जिससे छात्रों और पालकों में इसे लेकर जागरूकता और उत्साह का संचार हो सके।

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